दिल्ली में वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का आरोप
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वोटर लिस्ट के SIR अभियान के दौरान हुई अनियमितताओं का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
सोमवार को दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए कांग्रेस के बूथ स्तरीय प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस मौके पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।
पार्टी का फोकस और आगामी कदम
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हाल ही में बेघर हुए लोगों के अधिकारों के लिए भी संघर्ष करेगी। कार्यशाला के दौरान कार्यकर्ताओं को वोटर लिस्ट में SIR की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही, उन्हें यह भी सिखाया गया कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं, उनकी सहायता कैसे की जाए।
कांग्रेस का मुख्य ध्यान दलितों, अल्पसंख्यकों, पुनर्वास कॉलोनियों के निवासियों और उन सभी पात्र मतदाताओं पर रहेगा, जिनके नाम इस प्रक्रिया में कटने का खतरा है। पार्टी ने यह भी घोषणा की है कि जरूरत पड़ने पर अदालत का रुख किया जाएगा।
सहायता केंद्र और मतदाता जागरूकता अभियान
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो घर-घर जाकर मतदाताओं की मदद की जाएगी। इसके साथ ही, झुग्गी-झोपड़ियों, RWA दफ्तरों, गांव की चौपालों और बाजारों में मतदाता सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी ने बताया कि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए भारत का नागरिक होना ही जरूरी है। बेघर होने या स्थायी पता न होने से भी किसी व्यक्ति के मतदान का अधिकार प्रभावित नहीं होता।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर लोगों में कई तरह की आशंकाएं हैं, जिन्हें दूर करने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पूरी ईमानदारी से काम करना होगा।
जिन पात्र मतदाताओं के नाम लिस्ट में नहीं हैं, वे 30 सितंबर तक जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी।










