मध्य प्रदेश की शहडोल सीट से सांसद हिमाद्री सिंह का तलाक
मध्य प्रदेश की शहडोल लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुकी हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी का वैवाहिक जीवन अब समाप्त हो गया है। दोनों ने 23 नवंबर 2017 को शादी की थी, लेकिन अब कोर्ट ने उनके तलाक के आवेदन पर फैसला सुनाते हुए डिक्री पारित कर दी है। दोनों कई वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे, और उनकी बेटी भी हिमाद्री के साथ रहती है।
राजनीतिक इतिहास और व्यक्तिगत जीवन का जटिल संबंध
यह रिश्ता राजनीतिक परिदृश्य में भी काफी दिलचस्प रहा है। नरेंद्र सिंह मरावी ने कभी हिमाद्री की मां राजेश नंदिनी सिंह के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके कुछ वर्षों बाद ही नरेंद्र ने हिमाद्री से शादी की। शादी के बाद दोनों की राजनीतिक दिशा भी अलग-अलग हो गई। 2009 में हिमाद्री की मां के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले नरेंद्र ने बाद में हिमाद्री से शादी की, और दोनों ने अपनी-अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखी।
संबंधित राजनीतिक घटनाक्रम और परिवार का परिचय
नरेंद्र सिंह मरावी भाजपा के पृष्ठभूमि से आते हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस नेता और हिमाद्री की मां राजेश नंदिनी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। राजेश नंदिनी सिंह कोतमा से विधायक और शहडोल से सांसद रह चुकी हैं। वहीं, हिमाद्री के पिता दलवीर सिंह भी क्षेत्र के प्रमुख आदिवासी नेताओं में से एक थे और राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।
2017 में हिमाद्री और नरेंद्र की शादी अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में हुई थी। हिमाद्री इससे पहले 2016 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुकी थीं, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गईं। 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने शहडोल से भाजपा का प्रतिनिधित्व करते हुए दो बार सांसद का पद संभाला।
उनकी एक बेटी भी है, जिसका नाम गिरिशा कुमारी सिंह है, और वह हिमाद्री के साथ रहती है। बेटी का सरकारी स्कूल में दाखिला करवाने के कारण भी हिमाद्री चर्चा में आई थीं। हिमाद्री की शिक्षा दिल्ली में हुई है, और हाल ही में उन्होंने उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित युवा सांसदों के सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
दोनों का रिश्ता कई वर्षों से अलग-अलग रह रहा था, और उनके बीच राजनीतिक मतभेदों को भी कारण माना जाता रहा है। 2024 के चुनाव के दौरान नरेंद्र भी भाजपा से टिकट पाने के प्रयास में थे। हालांकि, उनके निजी जीवन के इस जटिल समीकरण का अंतिम निर्णय अब कोर्ट के फैसले से हुआ है, जिससे करीब नौ साल पुरानी शादी कानूनी रूप से समाप्त हो गई है।










