दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ तेज कार्रवाई जारी
दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक इमारत के ढहने के बाद से दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद से निगम ने पूरे शहर में अवैध और खतरनाक निर्माणों का सर्वेक्षण तेज कर दिया है।
सोमवार को निगम ने अपनी कार्रवाई को और अधिक सख्त बनाते हुए दिल्ली के सभी बारह जोनों में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 40 अवैध और खतरनाक निर्माणों को तोड़फोड़ कर गिराया गया और आठ संपत्तियों को पूरी तरह सील कर दिया गया। साथ ही 14 नए डेमोलिशन ऑर्डर भी जारी किए गए हैं।
शहर के प्रमुख इलाकों में बुलडोजर का व्यापक अभियान
इस दिन पांडव नगर के टीसी कैंप, ईस्ट पटेल नगर, करोल बाग के रेगरपुरा, नेहरू नगर के माता रामेश्वरी और नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
इसके अतिरिक्त पूर्वी दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेज-2, रघुबरपुरा और गांधी नगर के धर्मपुरा में भी कार्रवाई की गई। उत्तरी दिल्ली के मटका गंज क्षेत्र में भी अवैध निर्माणों को गिराया गया।
खतरनाक इमारतों पर तुरंत कार्रवाई का निर्देश
एमसीडी ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान जो भी इमारतें स्पष्ट रूप से खतरनाक पाई जाएंगी, उन्हें तुरंत तोड़ दिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में अब तक 2453 पीजी (PG) इमारतों की पहचान की जा चुकी है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन खतरनाक इमारतों के मालिकों को पहले खुद ही ढांचा गिराने का अवसर दिया जाएगा। यदि वे निर्धारित समय में ऐसा नहीं करते हैं, तो एमसीडी स्वयं बुलडोजर चलाकर इन इमारतों को ध्वस्त कर देगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से चार इमारतें अत्यंत जर्जर और खतरनाक स्थिति में हैं। इसके अलावा कम से कम 25 इमारतों को बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है, जबकि 138 से अधिक इमारतों को मामूली मरम्मत की जरूरत है। बड़े सुधार वाली इमारतों के मालिकों को स्ट्रक्चरल ऑडिट कराकर रिपोर्ट एमसीडी में जमा करानी होगी।










