प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर स्टैचू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों को एकता का संदेश देते हुए कहा कि यह दिन हमारे राष्ट्रीय जीवन का एक महत्त्वपूर्ण पर्व है। इसके बाद उन्होंने एकता परेड, फ्लैग मार्च, महिला नेतृत्व में मार्च पास्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भारतीय वायुसेना का एयर शो का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के 140 करोड़ नागरिक इस दिन को गर्व और प्रेरणा के साथ मनाते हैं।
राष्ट्रीय एकता का महापर्व और संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का विचार और उनकी सेवा भावना आज भी देश के विकास और एकता के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि आज करोड़ों भारतीयों ने एकता की शपथ ली है और संकल्प किया है कि वे देश की एकता को मजबूत बनाने वाले कार्यों को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि देश की एकता को कमजोर करने वाली हर बात से हमें दूर रहना चाहिए, क्योंकि यही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि है। इस दिन का उद्देश्य देश में एकता का संदेश फैलाना और हर भारतीय को अपने कर्तव्य का बोध कराना है।
देश की सुरक्षा और विविधता का सम्मान
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में देश की संप्रभुता और सुरक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद से ही सरकारें कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं, जैसे कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सलवाद। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों ने इन समस्याओं को नजरअंदाज किया, जिससे हिंसा और रक्तपात फैला। अब देश ने इन खतरों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक देश नक्सलवाद और आतंक से मुक्त नहीं हो जाता, तब तक हम रुकेंगे नहीं। साथ ही, उन्होंने देश की विविधता का सम्मान करने और विचारों की भिन्नता को स्वीकार करने का आह्वान किया।
सामाजिक और ऐतिहासिक स्मारकों का पुनर्निर्माण
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान सरदार पटेल, बाबा साहेब आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान नेताओं के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार ने इन महान व्यक्तित्वों की विरासत को सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का नारा आज भी देश की एकता का प्रतीक है, लेकिन कांग्रेस ने इसे धार्मिक आधार पर तोड़ने का प्रयास किया। इस कारण देश का विभाजन हुआ। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही देश की पहचान और सुरक्षा के प्रतीकों को पुनः स्थापित किया गया है। अंडमान की सेल्युलर जेल, नेताजी सुभाष की प्रतिमा, और शहीदों के स्मारक इसी दिशा में कदम हैं।
राष्ट्रीय एकता का संदेश और कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी ने केवडिया में आयोजित कार्यक्रम में देशवासियों को एकता की शपथ दिलाई। इस आयोजन में गार्ड ऑफ ऑनर, फ्लैग मार्च और मार्च पास्ट का आयोजन हुआ, जिसमें महिला अधिकारियों ने नेतृत्व किया। साथ ही, घुड़सवार, ऊंट और डॉग यूनिट्स की टुकड़ियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश में एकता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संदेश फैलाना था। सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकियां और भारतीय वायुसेना का एयर शो भी इस आयोजन का हिस्सा रहे, जो देश की शक्ति और एकता का प्रतीक बना।
देश की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि
राज्यों और सेनाओं की झांकियों ने भारत की विविधता को दर्शाया। स्कूल बैंड और संस्कृति मंत्रालय के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस भव्य आयोजन को और भी रंगीन बनाया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य देश में एकता और सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करना था। भारतीय वायुसेना का एयर शो दर्शकों को रोमांचित करने वाला रहा, और प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में देश की एकता और अखंडता के संदेश को दोहराया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।











