डिजिटल धोखे का खुलासा: सोशल मीडिया पर फर्जी जीवन का जाल
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सोशल मीडिया की चमक-धमक के पीछे छिपे एक बड़े धोखे का पर्दाफाश हुआ है। यहां इंस्टाग्राम पर एक युवक ने अपने आलीशान जीवनशैली की तस्वीरें साझा कर एक छात्रा को अपने जाल में फंसाया। इस युवक ने खुद को रईस और बड़े घर का मालिक दिखाने का नाटक किया, लेकिन जब उसकी असली पहचान सामने आई, तो हर कोई हैरान रह गया। वह असल में घरों में पुट्टी-पुताई का काम करने वाला मजदूर निकला। जैतपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छात्रा को मुरैना जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया है।
फर्जी पहचान और सोशल मीडिया का जाल
पकड़े गए आरोपी की पहचान ग्वालियर (Gwalior) जिले के करण धानुक के रूप में हुई है। उसने इंस्टाग्राम पर अपनी असली पहचान छुपाकर ‘करण राजपूत’ नाम से एक फर्जी अकाउंट बनाया था। करण पेशे से पुट्टी और पुताई का काम करता है, लेकिन उसने आलीशान बंगले और कोठियों की तस्वीरें खींचकर अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर पोस्ट कीं। इस तरह वह खुद को बहुत ही संपन्न और रईस दिखाने का प्रयास करता था, ताकि उसकी फर्जी छवि लोगों के बीच बनी रहे।
सामाजिक जाल और छात्रा का फंसना
इंस्टाग्राम पर दिखाए गए भव्य जीवनशैली को देखकर जैतपुर क्षेत्र की 18 वर्षीय कॉलेज छात्रा उसके जाल में फंस गई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और आरोपी ने उसे अपने साथ चलने के लिए मनाया। योजना के अनुसार, करण ट्रेन और बस के माध्यम से ग्वालियर (Gwalior) से शहडोल (Shahdol) के जैतपुर पहुंचा और छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। जब बेटी घर नहीं लौटी, तो परिजन जैतपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच के आधार पर उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद मुरैना (Morena) जिले के एक दूरस्थ गांव से छात्रा को सुरक्षित बरामद कर लिया, लेकिन आरोपी करण मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।











