ग्वालियर में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी का मामला उजागर
यदि आप नई नौकरी पाने के लिए प्रयासरत हैं, तो अनुभव और संबंधित दस्तावेज जरूरी होते हैं। लेकिन यदि ये दस्तावेज जाली हों, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ग्वालियर में हाल ही में एक युवक पर ऐसी ही धोखाधड़ी का आरोप लगा है, जिसने एक प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी में उच्च पद पर नौकरी पाने के लिए अपने पुराने अनुभव और वेतन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए। उसने खुद को एक बड़े ग्रुप का पूर्व कर्मचारी बताया और यह भी दावा किया कि उसे हर माह 2,80,670 रुपये वेतन मिलता है।
सत्यापन के दौरान खुली फर्जीवाड़े की पोल
शुरुआत में नौकरी मिल गई और पद भी बड़ा मिला, लेकिन कुछ समय बाद जब कंपनी ने उसके पुराने रिकॉर्ड का पुनः सत्यापन किया, तो सब कुछ उलट-पुलट हो गया। कंपनी में उसकी नौकरी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, और बैंक से जुड़े दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए। जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि उसने अपने अनुभव और वेतन का झूठा दावा किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी की पहचान देवेंद्र कुमार दुबे के रूप में की है, जो कि उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) का निवासी है।
आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मई 2026 में एक ऑटोमोबाइल कंपनी में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट के पद पर नियुक्ति के दौरान अपने अनुभव और वेतन से संबंधित जाली दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। उसने दावा किया कि वह पहले एक बड़े ग्रुप में काम कर चुका है और वहां उसे लगभग 2.80 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता था। इस झूठे दावे के आधार पर उसे नौकरी मिली, लेकिन जैसे ही उसने इस्तीफा दिया, कंपनी ने उसके पुराने रिकॉर्ड का पुनः सत्यापन किया।
जांच में पता चला कि उसके द्वारा प्रस्तुत वेतन और अनुभव के दस्तावेज भी संदिग्ध हैं। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और अंततः कानपुर में उसकी लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। अब वह न्यायालय में पेश किया गया है और पुलिस उसकी फर्जीवाड़े में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि उसने ये जाली दस्तावेज कहां से बनवाए थे।










