बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक टकराव तेज
बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा हो गया है। विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने इन आरोपों का करारा जवाब देते हुए विपक्ष पर पलटवार किया है।
सोशल मीडिया पर आरजेडी का आरोप और सरकार का जवाब
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर आरजेडी ने अपने आधिकारिक हैंडल से एक पोस्ट में 1 से 19 फरवरी के बीच महिलाओं और बच्चियों के साथ हुई यौन हिंसा की घटनाओं की विस्तृत सूची जारी की है। इस पोस्ट में पार्टी ने सरकार पर कानून व्यवस्था को ध्वस्त करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में कानून मरा पड़ा है और सरकार मौन है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार की स्थिति ठीक नहीं है।
बिहार में अपराध और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर
बिहार विधानसभा में ‘ब्राह्मणवाद’ पर चल रहे विवाद के बीच विपक्षी नेता और विधायक तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पूरी तरह से अचेत हैं और सरकार एक कठपुतली बनकर रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री गृह विभाग अपने पास रखने के बजाय बीजेपी को सौंपना पड़ा है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार गुंडागर्दी कर रही है और सवाल पूछने वालों को गाली दी जा रही है।
विपक्ष की ओर से जारी महिला अपराधों की सूची और तेजस्वी यादव के आरोपों का सरकार ने भी जवाब दिया है। सरकार ने इन घटनाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और बाल सुधार गृह भेजे जाने का विवरण भी सार्वजनिक किया है। सरकार का दावा है कि वह हर मामले में त्वरित कार्रवाई कर रही है और कानून अपना काम कर रहा है।










