सतना में शराब दुकान पर विवाद और पुलिस जांच
मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक विवादित घटना ने कानून व्यवस्था और राजनीतिक प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका को फिर से उजागर किया है। रामपुर बाघेलान क्षेत्र के बाईपास पर स्थित एक शराब दुकान पर जिला पंचायत सदस्य एकता सिंह के पति और भाजपा नेता अनूप सिंह उर्फ अन्नू मतहा पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि जब उन्हें शराब नहीं मिली, तो उन्होंने दुकान के कर्मचारी के साथ मारपीट की और गाड़ी से उन्हें कुचलने का प्रयास किया। यह घटना सोमवार शाम को हुई, और इसकी वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर विवादित घटना
जानकारी के अनुसार, अनूप सिंह अपने बेटे श्रेयस के साथ शराब दुकान पर पहुंचे थे। आरोप है कि वे अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर मुफ्त शराब प्राप्त करने का प्रयास कर रहे थे। जब दुकान के कर्मचारियों ने इनकार किया, तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच गाली गलौज और हाथापाई शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आसपास के लोग भयभीत हो गए। सबसे गंभीर आरोप यह है कि अनूप सिंह ने अपनी सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी को जानबूझकर दुकान के कर्मचारियों की ओर कई बार आगे-पीछे किया, जिससे उनके साथ मारपीट और गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया गया। इस घटना में कुछ मोटरसाइकिलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
स्थानीय प्रतिक्रिया और पुलिस कार्रवाई
घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोग इसे राजनीतिक दबाव और दबंगई का परिणाम मान रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अनूप सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है, और वह पहले भी विवादित मामलों में शामिल रहे हैं। उनके बेटे श्रेयस पर भी हाल ही में एक व्यक्ति पर चाकू से हमला करने का आरोप लगा था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
इस घटना के बाद स्थानीय जनता में आक्रोश व्याप्त है। शराब ठेकेदार ने पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें पूरी घटना का जिक्र कर कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण अभी तक सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सतना के एसपी प्रेम लाल कुर्वे ने कहा कि फरियादी की रिपोर्ट पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।











