गुरुग्राम में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की गिरफ्तारी
गुरुग्राम पुलिस ने अवैध तरीके से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई डीसीपी क्राइम हुतेश यादव के नेतृत्व में की गई, जिसमें शहर के विभिन्न निर्माण स्थलों और झुग्गी-झोपड़ियों की व्यापक जांच की गई। पुलिस का कहना है कि यह अभियान जारी रहेगा और उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
आरोपियों का खुलासा और सीमा पार करने का तरीका
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया है कि वे बांग्लादेशी एजेंटों की मदद से कालियागंज बॉर्डर (Kaliaganj Border) पार कर भारत में अवैध रूप से प्रवेश किए थे। गुरुग्राम में अपनी पहचान छुपाने के लिए ये लोग अलग-अलग स्थानों पर मजदूर का वेश धारण कर रहते थे। अब पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है कि इन लोगों को शहर में कौन मदद कर रहा था और इन्हें काम पर कौन रख रहा था।
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की सतर्कता और नागरिकों से अपील
गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, अवैध प्रवासियों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। पुलिस की टीमें इन इलाकों पर विशेष नजर बनाए हुए हैं, जिनमें झुग्गी-झोपड़ियां, अवैध कॉलोनियां, किराए के मकान, पीजी, औद्योगिक क्षेत्र, होटल और लॉज शामिल हैं। डीसीपी क्राइम हुतेश यादव ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता का हित पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो भारतीय और विदेशी नागरिक वैध दस्तावेजों के साथ रह रहे हैं, उन्हें इस अभियान से डरने की जरूरत नहीं है। निर्दोष व्यक्तियों को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम पुलिस की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन से अपील
गुरुग्राम पुलिस ने आम नागरिकों और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन से सहयोग की अपील की है। उन्होंने सभी मकान मालिकों और प्रबंधकों से कहा है कि अपने घरों या व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले घरेलू सहायकों, किराएदारों, कर्मचारियों और होटलों में रहने वालों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। साथ ही, नागरिकों से आग्रह किया गया है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 112 या नजदीकी थाने में सूचित करें।











