राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने पर राजनीतिक हलचल तेज
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद भारतीय राजनीति में हलचल मच गई है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा (BJP) पर आरोप लगाया कि उसने पंजाबियों के साथ फिर से अन्याय किया है। यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इससे पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
बीजेपी में शामिल हो रहे सांसदों पर दिल्ली बीजेपी का बयान
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के कुछ राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबर पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया स्वाभाविक थी और पार्टी का मानना है कि और भी सांसद भाजपा में आ सकते हैं। सचदेवा ने यह भी आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल अब भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गए हैं और पंजाब के विकास के नाम पर खर्च होने वाले धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी छोड़ने के कारणों और नेताओं की प्रतिक्रिया
राज्यसभा सांसद स्वाती मालीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पार्टी के शुरूआती आदर्श और मूल्यों से अब पार्टी भटक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल के संरक्षण में भ्रष्टाचार, महिलाओं के साथ उत्पीड़न और पंजाब के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने गुजरात में अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ गद्दार पंजाब के मेहनती कार्यकर्ताओं का खून-पसीना बेच रहे हैं।
कांग्रेस नेता उदित राज ने भी कहा कि अब आम आदमी पार्टी का बड़ा हिस्सा भाजपा में शामिल हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य अलग हो जाते हैं, तो उस समूह को मान्यता मिल जाती है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सीधे चुनाव जीतने में असमर्थ हैं, इसलिए तिकड़मबाजी से पंजाब की राजनीति को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आर्थिक और प्रशासनिक दबाव बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश की है।
संजय सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे जनहित के कामों को रोकने के लिए साजिश रच रहे हैं। वहीं, तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा से मिल रहे नेता संघर्ष नहीं बल्कि समझौता कर रहे हैं, और जो डरे हुए हैं, वे ही भाजपा का सहारा ले रहे हैं।
अशोक गहलोत ने भी भाजपा पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की एजेंसियां भी उनके नियंत्रण में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में कई नेताओं पर राजनीतिक दबाव बनाने के प्रयास किए गए हैं।










