देश के मौसम में हो रहे बदलाव और मौसमी सिस्टम का प्रभाव
वर्तमान में भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम की दो विपरीत तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत में तेज आंधी, तूफान और बारिश का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी और लू का खतरा मंडरा रहा है। साथ ही देश में मानसून धीरे-धीरे अपनी यात्रा शुरू कर रहा है और आने वाले दिनों में कई नए राज्यों तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ नामक मौसमी सिस्टम सक्रिय है, जो पश्चिम से आने वाली हवाओं की एक लहर है। यह हवाएँ उत्तर भारत में बारिश का कारण बन रही हैं। इसी वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में अभी भी बारिश हो रही है और यह सिलसिला कुछ और दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
मौसम का वर्तमान रुख और आगामी संभावनाएँ
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि शनिवार को भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चल सकती हैं, साथ ही आंधी-तूफान की भी आशंका है। हालांकि, इसके बाद मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, यानी न तो बहुत अधिक बारिश होगी और न ही अत्यधिक गर्मी का प्रकोप।
दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली में शनिवार और रविवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे, और शाम को हल्की बारिश के साथ आंधी भी आ सकती है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
राज्यों में मौसम की स्थिति और खास चेतावनियाँ
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 जून को आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 13 से 17 जून तक और 19 जून को भी बारिश की संभावना बनी हुई है। इन इलाकों में 15, 16, 17 और 19 जून को भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा है।
पूर्वी राजस्थान में 13 जून से 19 जून के बीच कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, और 16 से 19 जून के बीच आंधी भी आ सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 13 जून और 18-19 जून को बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी इन दिनों कहीं-कहीं बारिश का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 13 से 19 जून के बीच बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 14 से 19 जून के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
महाराष्ट्र में लू का खतरा और मानसून की प्रगति
जहां एक ओर उत्तर भारत में बारिश का सिलसिला जारी है, वहीं महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों में लू यानी हीट वेव का खतरा बढ़ रहा है। लू का मतलब है कि तापमान तेजी से बढ़ रहा है और गर्म हवाएँ चल रही हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।
वहीं, मानसून देश के कई हिस्सों में दस्तक दे चुका है। 13 जून तक मानसून की उत्तरी सीमा यानी वह रेखा जहां तक मानसून पहुंचा है, इन इलाकों से होकर गुजर रही है, जिनमें हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राद्री, काकीनाडा, पारादीप, बारीपदा, पुरुलिया, धनबाद और मुजफ्फरपुर शामिल हैं। आने वाले 2-3 दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने की उम्मीद है।
विशेष रूप से, कर्नाटक के बचे हुए हिस्से, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के बाकी क्षेत्र, ओडिशा के कुछ हिस्से और दक्षिण छत्तीसगढ़ के इलाके मानसून के आगमन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इन क्षेत्रों में मौसम मानसून के स्वागत के लिए अनुकूल हो रहा है।









