मध्यप्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न
मध्यप्रदेश के सतना और चित्रकूट क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इन इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। विशेष रूप से मानिकपुर के पास स्थित डोडा डैम का ओवरफ्लो होकर टूट जाना इस बाढ़ की स्थिति को और भी गंभीर बना रहा है। इसके कारण मानिकपुर और चित्रकूट क्षेत्र में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
डोडा डैम का टूटना और रेलवे ट्रैक पर पानी का भराव
डोडा डैम के टूटने से आसपास के इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना के चलते सतना-मानिकपुर रेलवे लाइन पर चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक तरफ यात्री ट्रेन खड़ी है और दूसरी ओर मालगाड़ी खड़ी नजर आ रही है। ट्रैक के आसपास लगभग तीन फीट तक पानी बह रहा है, जिससे कई जगह ट्रैक पूरी तरह से दिखाई नहीं दे रहा है।
रेलवे कर्मचारियों का साहसिक प्रयास और यातायात प्रभावित
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कर्मचारियों और लाइनमैन ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक की स्थिति का निरीक्षण किया। हाथ में लाल झंडी लेकर ये कर्मचारी घुटनों से ऊपर बहते पानी में उतरे और सावधानीपूर्वक आगे बढ़े। इसके बाद, लाल झंडी दिखाते हुए कर्मचारी के पीछे-पीछे ट्रेन धीरे-धीरे पानी को चीरते हुए आगे बढ़ती नजर आई। इस घटना के कारण रेलवे ने प्रोटोकॉल के तहत कई ट्रेनों को रोक दिया, जिससे लगभग 28 यात्री ट्रेनों और 20 मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ। हालांकि, लंबी दूरी की किसी भी ट्रेन को निरस्त नहीं किया गया, केवल सतना से मानिकपुर के बीच चलने वाली मेमू (MEMU) ट्रेन को रद्द किया गया।











