मध्यप्रदेश में तेंदुओं के शिकार और तस्करी का बड़ा नेटवर्क उजागर
मध्यप्रदेश (MP) के वन्यजीव संरक्षण विभाग ने तेंदुओं के शिकार और तस्करी के जाल को तोड़ने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में मुरैना जिले से सुखदेव नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला अब तक 15 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ तीन राज्यों में फैल चुका है, जिसमें कूनो (Kuno) और चंबल (Chambal) अभयारण्यों में किए गए शिकार शामिल हैं।
आगरा में खालें बरामदगी से शुरू हुआ था संगठित नेटवर्क का खुलासा
यह संगठित अवैध शिकार और तस्करी का नेटवर्क 23 जुलाई 2026 को आगरा (Agra) में 10 तेंदुओं की खालें जब्त किए जाने के बाद सामने आया। इस मामले में तस्करों को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। शुरुआती जांच में सात शिकारियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक मुरैना के हासई गांव का निवासी मन्नू नाथ का पुत्र था। उसकी निशानदेही पर मुरैना के बीहड़ों में गाड़ा गया तेंदुए का कंकाल भी बरामद किया गया।
दिल्ली से वाइल्डलाइफ SOS कर्मी की गिरफ्तारी और शिकार का विस्तृत जाल
13 अगस्त 2026 को दिल्ली (Delhi) के उत्तम नगर (Uttam Nagar) से वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और STSF की संयुक्त टीम ने मुख्य आरोपी वसीम अकरम को गिरफ्तार किया। आश्चर्यजनक रूप से, वसीम वाइल्डलाइफ एसओएस (Wildlife SOS) संस्था में कार्यरत था। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने कुल 10 तेंदुओं का शिकार किया, जिनमें से छह कूनो वन्यजीव वनमंडल, दो श्योपुर वनमंडल और दो चंबल अभयारण्य (Chambal Sanctuary) के मुरैना वनमंडल में किए गए। अब तक आरोपियों के पास से तेंदुए के अंग, कंकाल, छह लेग होल्ड ट्रैप और एक चाकू जब्त किया गया है।











