ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की खामियां
मध्य प्रदेश के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। इस भीड़भाड़ के कारण कई यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, खासकर उस समय जब समर्थकों की भीड़ ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस घटना में सात साल की एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे परिजनों ने भीड़ से निकालकर सुरक्षित किया।
भीड़ में बच्ची के घायल होने का मामला और व्यवस्थाओं पर सवाल
बच्ची अपने परिवार के साथ स्टेशन पहुंची थी, तभी भीड़ के बीच फंस गई। परिजनों का आरोप है कि वीवीआईपी आगमन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे, जिससे स्थिति बिगड़ी। इसके अलावा, स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण रास्ते संकरे हो गए थे, जिससे यात्रियों को और अधिक परेशानी हुई। इस घटना ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सुरक्षा के इंतजामों की आवश्यकता पर बल दिया है।
सिंधिया के दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था की चुनौतियां
केंद्रीय मंत्री सिंधिया का यह दौरा शुक्रवार रात का था, जब वह ग्वालियर स्टेशन पहुंचे। समर्थकों की भीड़ ने स्वागत के दौरान धक्का-मुक्की की, जिसमें कई लोग घायल हो गए। खासतौर पर कुशवाह परिवार की सात वर्षीय बच्ची इक्षिता भीड़ के पैरों तले आ गई, जिससे उसके पैर में चोट आई। परिजनों ने आरोप लगाया कि इस तरह की भीड़ और अव्यवस्था के लिए स्टेशन प्रबंधन, RPF (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) और स्थानीय पुलिस जिम्मेदार हैं।
स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के कारण वैकल्पिक रास्ते संकरे हो गए हैं, जिससे भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कठिन हो गया है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।









