प्रशांत किशोर ने पटना से बाहर नया आश्रम बनाया
प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने पटना स्थित आवास को छोड़कर अब बिहार के बिहटा क्षेत्र में एक नए आश्रम में शरण ली है। यह आश्रम पटना से लगभग 40 किलोमीटर दूर है और आईआईटी पटना के पास स्थित है। इस नए केंद्र का नाम बिहार नव निर्माण आश्रम रखा गया है।
आश्रम का उद्देश्य और निर्माण कार्य
प्रशांत किशोर ने आजतक से बातचीत में पुष्टि की कि उन्होंने मंगलवार रात को अपने पुराने आवास को खाली कर दिया है और अब से यह आश्रम ही उनके राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों का मुख्य केंद्र होगा। जानकारी के अनुसार, यह आश्रम लगभग 15 बीघा जमीन पर बन रहा है, और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अनुमान है कि अगले तीन से चार महीनों में यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा। वर्तमान में प्रशांत किशोर इसी आश्रम में रह रहे हैं और पार्टी का संचालन भी यहीं से किया जा रहा है।
आश्रम का उपयोग और राजनीतिक गतिविधियां
पार्टी के करीबी सूत्रों का कहना है कि इस आश्रम का इस्तेमाल पार्टी की बैठकें, राजनीतिक चर्चाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और समर्थकों से मुलाकात के लिए किया जाएगा। इससे पहले, प्रशांत किशोर पटना के शेखपुरा हाउस में रहते थे, जो पूर्व भाजपा सांसद और जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष उदय सिंह का निजी आवास है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में शेखपुरा हाउस का विशेष महत्व था, जहां पार्टी की सभी बैठकें, उम्मीदवारों का चयन और चुनाव की रणनीति तय की जाती थी। हालांकि, उस चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, और वह कोई भी सीट नहीं जीत सकी।
इसके बावजूद, प्रशांत किशोर बिहार में बदलाव लाने की अपनी मुहिम जारी रखे हुए हैं। वह लगातार बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं और मानते हैं कि बिहार को बदलने का उनका प्रयास लंबी अवधि का है। दिसंबर 2024 में भी वह पटना के मरीन ड्राइव इलाके में एक आश्रम में शिफ्ट हो गए थे, जो उनके पार्टी का अस्थायी ठिकाना था। अब वह बिहार नवनिर्माण आश्रम में शिफ्ट होकर यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी यह परिवर्तन की यात्रा 2030 विधानसभा चुनाव तक जारी रहेगी, और यहीं से पार्टी का संचालन भी किया जाएगा।









