क्रिकेटर शशांक सिंह ने घरेलू रसोइए के मामले में अपनी सफाई दी
खेल जगत के प्रसिद्ध क्रिकेटर शशांक सिंह ने अपने और उनके पिता आईपीएस सेवानिवृत्त अधिकारी शैलेश सिंह पर लगे घरेलू रसोइए (कुक) के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। उन्होंने आजतक से विशेष बातचीत में इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है।
आरोपों का खंडन और घटना का विवरण
शशांक सिंह ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता 25 तारीख की शाम उनके घर आया था और 28 तारीख की सुबह वहां से चला गया। ऐसे में उस पर बंधक बनाकर रखने का आरोप पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि शिकायत में मारपीट और बंधक बनाने की बात कही गई है, लेकिन ऐसी कोई घटना नहीं हुई।
उनके अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने खुद को अच्छा रसोइया बताते हुए उनके घर में काम करने का प्रस्ताव रखा था। यह व्यक्ति उनके पिता के एक मित्र की सिफारिश पर आया था, लेकिन बाद में उसने स्वीकार किया कि उसे सही से खाना बनाना नहीं आता।
घर में घुसने और वीडियो बनाने का आरोप
शशांक सिंह ने आरोप लगाया कि घर में घुसने के बाद वह व्यक्ति बेडरूम तक पहुंच गया और वहां मौजूद कीमती वस्तुओं के वीडियो बनाने लगा। उन्होंने कहा कि इस वीडियो को उसने अन्य लोगों को भी भेजा है। इसके साथ ही, ड्राइंग रूम में रखी चांदी की गणेश प्रतिमाओं की तस्वीरें भी ली गईं।
उन्होंने यह भी बताया कि घर से एक चांदी की गणेश प्रतिमा गायब है, और परिवार इस मामले की जांच कर रहा है।
संबंधित खबरों में यह भी बताया गया है कि क्रिकेटर और उनके पिता ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता की गतिविधियां संदिग्ध थीं और वे आशंका कर रहे हैं कि वह हाई-प्रोफाइल परिवार का फायदा उठाकर पैसे वसूलने की कोशिश कर रहा था।
शशांक सिंह ने कहा कि मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, और उन्होंने यह भी माना कि उस समय उन्हें पुलिस को सूचित करना चाहिए था, लेकिन इंसानियत के नाते उन्होंने ऐसा नहीं किया।










