FIFA World Cup 2026 में जर्मनी का ऐतिहासिक बाहर होना
FIFA World Cup 2026 में एक अप्रत्याशित घटना देखने को मिली, जब चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पराग्वे ने रोमांचक मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। यह मुकाबला राउंड ऑफ 32 में खेला गया था, जिसमें दोनों टीमें 120 मिनट तक 1-1 की बराबरी पर रहीं। अंत में फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिए हुआ, जिसने टूर्नामेंट का इतिहास बदल दिया।
VAR ने मैच का रुख पलटा, निर्णायक निर्णायक निर्णय
अतिरिक्त समय के 101वें मिनट में जर्मनी के डिफेंडर जोनाथन टाह ने कॉर्नर पर शानदार हेडर से गोल किया, जिससे जर्मनी जीत के करीब पहुंच गया था। लेकिन तभी वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने हस्तक्षेप किया। रेफरी जलाल जयेद ने पिच-साइड मॉनिटर पर रीप्ले देखने के बाद निर्णय लिया कि वाल्डेमार एंटन ने गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को चुनौती देते समय फाउल किया था। इस निर्णय के बाद गोल रद्द कर दिया गया और मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
पराग्वे का पेनल्टी शूटआउट में शानदार प्रदर्शन और ऐतिहासिक जीत
120 मिनट के बाद निर्णायक फैसला पेनल्टी शूटआउट में हुआ, जिसमें पराग्वे ने अपने पांच प्रयासों में से चार गोल किए, जबकि जर्मनी ने तीन मौके गंवा दिए। इस जीत के साथ पराग्वे ने 4-3 से मुकाबला जीतकर विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। यह पहली बार है जब जर्मनी ने विश्व कप के पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना किया है, क्योंकि उसने पहले सभी चार बार जीत हासिल की थी।
वास्तव में, यह हार कई मायनों में ऐतिहासिक है। FIFA World Cup के इतिहास में पहली बार है जब जर्मनी पेनल्टी शूटआउट में बाहर हुआ है। इससे पहले, जर्मनी ने 1976 UEFA यूरो फाइनल में भी हार का सामना किया था।
रैंकिंग के आधार पर देखा जाए तो जर्मनी इस टूर्नामेंट में 10वें स्थान पर था, जबकि पराग्वे 41वें स्थान पर था, यानी दोनों टीमों के बीच 31 स्थानों का अंतर था। 1994 के बाद से विश्व कप नॉकआउट चरण में इससे बड़े उलटफेर केवल तीन बार हुए हैं, जिनमें रूस ने 2018 में स्पेन को हराया, दक्षिण कोरिया ने 2002 में इटली और स्पेन को हराया। अब इस सूची में पराग्वे की जर्मनी पर जीत भी शामिल हो गई है।
पराग्वे ने बनाई अंतिम-16 में जगह, जर्मनी का निराशाजनक बाहर होना
पराग्वे ने अपने अनुशासित डिफेंस, VAR के बाद मिले मौके और पेनल्टी शूटआउट में संयम के दम पर राउंड ऑफ 16 का टिकट हासिल कर लिया। वहीं, टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार जर्मन टीम को निराशाजनक तरीके से घर लौटना पड़ा। इस जीत ने पराग्वे की टीम को नई उम्मीदें दी हैं, जबकि जर्मनी का अभियान उम्मीदों से कहीं पहले समाप्त हो गया।










