भोपाल में ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन
भोपाल में ऑनलाइन दवा विक्रय के विरोध में बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर ने हड़ताल का आयोजन किया। शहर की चार हजार से अधिक मेडिकल दुकानों ने इस आंदोलन में भाग लिया, जबकि पूरे मध्य प्रदेश में कुल 40 हजार से अधिक मेडिकल प्रतिष्ठान इस बंद में शामिल हुए। देशभर में लगभग 12 लाख केमिस्ट, फार्मासिस्ट और दवा वितरक इस आंदोलन का हिस्सा बने। यह विरोध प्रदर्शन ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOD) के आह्वान पर किया गया, जिसमें राजधानी के प्रमुख मेडिकल बाजार भी बंद रहे। मेडिकल व्यवसायियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मेडिकल व्यवसायियों का आरोप और सरकार के प्रावधानों का विरोध
भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने कहा कि ऑनलाइन दवा व्यापार ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार GSR 220(E), GSR 817(E) और GSR 870(E) जैसे नियमों के माध्यम से ऑनलाइन दवा बिक्री को प्रोत्साहित कर रही है, जो कि स्वास्थ्य नियमों का उल्लंघन है। एसोसिएशन का दावा है कि बिना फार्मासिस्ट की निगरानी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दवाओं की बिक्री हो रही है, जो जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। विरोध प्रदर्शन के दौरान नकली और गलत दवाओं के खतरे को लेकर भी चेतावनी दी गई।
आर्थिक संकट और नकली दवाओं का खतरा
ऑनलाइन दवा व्यापार के बढ़ते प्रभाव से छोटे और मध्यम मेडिकल व्यवसायों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। भारी छूट और कम कीमतों के कारण पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे आम जनता को भी दवाइयों की खरीद में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। केमिस्टों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकली, एक्सपायर्ड और गलत दवाओं की बिक्री का खतरा बढ़ गया है, जो जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान नकली दवाओं और ऑनलाइन कंपनियों के प्रतीकात्मक पुतले जलाए गए, और पुलिस को ज्ञापन सौंपकर बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई।











