हरियाणा के रेवाड़ी में जटिल हत्या की कहानी का खुलासा
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक चौंकाने वाली हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय मोनू की मौत कोई सामान्य दुर्घटना या आत्महत्या नहीं थी, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश का परिणाम थी। आरोप है कि उसकी पत्नी तन्नू ने अपने प्रेमी सोनू और उसके साथियों के साथ मिलकर इस हत्या की योजना बनाई, ताकि किसी को भी शक न हो।
हत्या की योजना और पुलिस की जांच
पुलिस के मुताबिक, इस जघन्य योजना के तहत पहले मोनू का मुंह और नाक दबाकर उसे बेहोश कर दिया गया। फिर उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया गया, ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना ही दिखे। सुसाइड का माहौल बनाने के लिए उसकी स्कूटी भी नहर के किनारे खड़ी कर दी गई। प्रारंभिक जांच में यह योजना सफल प्रतीत हुई और पुलिस ने इसे सामान्य मामला मानते हुए शव परिजनों को सौंप दिया।
मोबाइल डाटा और हत्या का खुलासा
मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने 11 जून को मोनू का मोबाइल परिवार को सौंपा। परिजनों ने देखा कि फोन का पूरा डाटा डिलीट कर दिया गया था, जिससे शक की गुंजाइश बढ़ गई। साइबर विशेषज्ञों की मदद से डिलीट डाटा रिकवर किया गया, और जब चैट व कॉल डिटेल सामने आईं, तो परिवार के होश उड़ गए। पता चला कि 8 जून को मोनू ने तन्नू को 49 बार फोन किया था, जबकि दोनों के बीच केवल एक बार तीन मिनट की बातचीत हुई थी।
परिवार ने तुरंत ही कोई हंगामा नहीं किया, बल्कि बेटे की अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने तक चुप्पी साधे रखी। इसके बाद पुलिस को डाटा सौंपा गया और हत्या का मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि 7 जून को मोनू को तन्नू से मिलने के लिए कहा गया था, और 8 जून को वेतन मिलने के बाद वह स्कूटी से निकला। परिवार का दावा है कि चैट से पता चला कि तन्नू ने ही उसे मिलने के लिए बुलाया था। जब वह घर वापस नहीं लौटा, तो 9 जून को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई और अगले दिन उसका शव नहर से मिला। शरीर पर चोट के निशान नहीं थे, और स्कूटी भी नहर के किनारे खड़ी मिली थी।
परिवार का आरोप है कि तन्नू और उसके परिवार ने शुरू से ही मोनू के उनके घर आने या बातचीत होने से इनकार किया था। हालांकि, मोबाइल मिलने के बाद तन्नू के पिता ने माना कि 8 जून को दोनों के बीच तीन मिनट की बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया कि तन्नू ने कहा था कि मोनू दोस्तों के साथ घूमने जा रहा है और उसे मिलने बुला रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी पत्नी की गिरफ्तारी
परिवार का आरोप है कि मोबाइल से मिले सबूतों के बावजूद शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। वे पहले 21 जून और फिर 30 जून को डीएसपी से मिले, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः 2 जुलाई को एसपी से मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तन्नू ने स्वीकार किया कि 8 जून को उसने मोनू को फोन कर बुलाया था। वहीं, उसके कथित प्रेमी सोनू और उसके साथी हरिओम और अमन ने मोनू को पकड़ लिया। आरोप है कि तीनों ने उसका मुंह और नाक दबाकर उसे बेहोश कर दिया और फिर नहर में फेंक दिया।
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि तन्नू और प्रेमी सोनू के साथी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी सोनू और अमन अभी फरार हैं। पुलिस लगातार उनकी तलाश में लगी है। आरोपी महिला ने प्रेमी के साथ हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है, और मामले की जांच जारी है। मृतक के माता-पिता ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को फांसी की सजा देने की मांग की है।











