ग्वालियर के बुजुर्ग चार्टर्ड अकाउंटेंट को साइबर ठगों ने किया ठगा
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को साइबर अपराधियों ने फर्जी निवेश योजना के जाल में फंसाया। वॉट्सऐप पर मिली एक संदिग्ध संदेश के बाद, महिला कथित निवेश सलाहकार ने उसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में छोटे-मोटे निवेश से अच्छा लाभ मिलने के बाद, बुजुर्ग ने धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश कर दी। लेकिन बाद में, धोखेबाजों ने एक नकली निवेश पोर्टल के माध्यम से मोटी रकम हड़प ली और फरार हो गए। पीड़ित ने इस धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से की है।
साइबर ठगों ने 21 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की
ग्वालियर के इंदरगंज इलाके के निवासी 70 वर्षीय सीए ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर उन्होंने छह महीनों में 21 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाया है। पुलिस ने पुष्टि की है कि साइबर क्राइम शाखा ने ठगों के खातों में लगभग एक करोड़ 75 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। इन खातों की भी जांच की जा रही है, जिनमें से रकम ट्रांसफर हुई थी। अपराधियों ने अधिक मुनाफे का लालच दिखाकर एक फर्जी निवेश योजना में पैसा लगाया, जो कि पूरी तरह से धोखाधड़ी थी।
फर्जी निवेश पोर्टल और नकली मुनाफे का जाल
पीड़ित के अनुसार, साइबर ठगों ने एक नकली ऑनलाइन निवेश पोर्टल तैयार किया था, जिसमें काल्पनिक मुनाफे का दिखावा किया जाता था। इस झूठे मुनाफे और फर्जी निवेश को सही मानकर, बुजुर्ग ने छह महीने के दौरान 21 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर दिया। मामला तब सामने आया जब उन्होंने अपनी जमा राशि निकालने का प्रयास किया। उस समय, ठगों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया और उनसे और अधिक रकम निवेश करने को कहा। शिकायत में बताया गया है कि पीड़ित ने अपने चार बैंक खातों से सौ से अधिक लेनदेन किए हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।











