मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने का महत्वपूर्ण कदम
मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार द्वारा गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में सबसे प्रमुख सुझाव यह है कि अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जाए। अब इस रिपोर्ट को कानून विभाग को भेजा गया है, और जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, इसे आगामी मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जा सकता है।
रिपोर्ट की समीक्षा और अगला कदम
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति इस रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। समीक्षा के बाद जैसे ही कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी, UCC विधेयक को विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा का यह पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि रिपोर्ट समय पर सौंपने के लिए सभी का धन्यवाद। उल्लेखनीय है कि इस समिति का नेतृत्व रिटायर्ड रंजना प्रकाश देसाई कर रही थीं।
रिपोर्ट में शामिल मुख्य बिंदु और अध्ययन का दायरा
समिति ने अपनी रिपोर्ट को तीन भागों में तैयार किया है। पहले भाग में देश-विदेश और मध्य प्रदेश के वर्तमान कानूनों का विश्लेषण कर सुझाव दिए गए हैं। दूसरे भाग में UCC का ड्राफ्ट बिल शामिल है, जबकि तीसरे भाग में जनता से प्राप्त सुझावों का विस्तृत विवरण है। सरकार के अनुसार, इस ड्राफ्ट बिल में चार भाग, 404 धाराएं और सात अनुसूचियां शामिल हैं। रिपोर्ट बनाने के दौरान जिला, राज्य और ऑनलाइन माध्यम से लगभग 9.58 लाख सुझाव प्राप्त हुए, जिनका विश्लेषण भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
रिपोर्ट में उन मामलों का भी अध्ययन किया गया है जो पारिवारिक कानूनों से संबंधित हैं, जैसे शादी, तलाक, गुजारा भत्ता, संपत्ति का उत्तराधिकार, गोद लेना और लिव-इन रिलेशनशिप। इन कानूनों का विश्लेषण मध्य प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। साथ ही, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश की पारंपरिक परंपराओं, सामाजिक प्रथाओं और संवैधानिक प्रावधानों का भी ध्यान रखा गया है। सबसे महत्वपूर्ण सुझाव यह है कि अनुसूचित जनजातियों को UCC के दायरे से बाहर रखा जाए, जिस पर सरकार आगे निर्णय लेगी।











