पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेस 2 में जल संकट और प्रदूषण की समस्या गंभीर
पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेस 2 क्षेत्र में इन दिनों लोग पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं। यहाँ पीने के पानी में गंदगी, बदबू और कीड़ों की मौजूदगी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पानी का उपयोग न तो पीने के लिए किया जा सकता है और न ही हाथ धोने के काम में। हाल ही में इंदौर (Indore) में हुए हादसे के बाद यहाँ के लोगों की चिंता और भी बढ़ गई है।
पानी की खराब स्थिति और पाइपलाइन की पुरानी स्थिति चिंता का कारण
मयूर विहार फेस 2 की आरडब्ल्यूए (RWA) के अध्यक्ष संजीव ने बताया कि इलाके की पानी की पाइपलाइन लगभग चालीस वर्षों से नहीं बदली गई है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में स्थिति और भी खराब हो गई है। कई बार मोटर चलाने पर सीवर का गंदा पानी सीधे घरों में पहुंच जाता है, जिससे लोग मोटर चलाने से भी डरने लगे हैं।
गंदगी और कीड़ों से भरे पानी ने लोगों की सेहत को किया प्रभावित
पानी में गंदगी, बदबू और कीड़ों की मौजूदगी की शिकायतें आम हो गई हैं। पॉकेट सी (Pocket C) और पॉकेट एफ (Pocket F) के निवासी अपनी परेशानियों को साझा करते हुए कहते हैं कि दूषित पानी पीने के बाद कई लोग बीमार पड़ गए हैं। कुछ को कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा और इलाज के बाद ही घर लौट सके। लोगों का कहना है कि पानी में कई बार कीड़े भी दिखाई देते हैं, जिससे न केवल स्वास्थ्य खतरे में पड़ रहा है बल्कि गुस्सा भी बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए सदस्यों ने सरकार से आग्रह किया है कि इंदौर (Indore) जैसे हादसे से बचने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। उनका मानना है कि इससे पहले कि कोई बड़ा हादसा हो, सरकार को इस समस्या का स्थायी समाधान खोजना चाहिए। लोगों की मांग है कि पुरानी पाइपलाइन को बदला जाए और साफ पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।











