दिल्ली के तुर्कमान गेट में अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा की घटना
दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तनाव बढ़ गया। यह घटना मंगलवार और बुधवार की रात को उस समय हुई जब नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने का कार्य कर रही थी। अचानक ही माहौल बिगड़ गया और पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी और हिंसा के पीछे की वजह
पुलिस ने इस हिंसा के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक कुल 18 व्यक्तियों को हिरासत में लिया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फहीम उर्फ सानू और मोहम्मद शहजाद के रूप में हुई है। फहीम, जो तुर्कमान गेट के गली गुड़ियां इलाके का निवासी है, मोहम्मद वसीम का बेटा है और उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष है। वहीं मोहम्मद शहजाद, जो चितली कबर और चांदनी महल इलाके में रहता है, सब्बीर अहमद का पुत्र है और उसकी उम्र करीब 29 वर्ष है।
मामले की जांच और सोशल मीडिया का भूमिका
पुलिस अब इस हिंसा के पीछे साजिश की आशंका भी जता रही है। वे करीब 450 वीडियो फुटेज की जांच कर रहे हैं, जिसमें सीसीटीवी, ड्रोन, बॉडी कैमरे और सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला है कि चार से पांच वॉट्सऐप ग्रुप और लगभग दस सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के माध्यम से अफवाहें फैलाई गई थीं, जिनका उद्देश्य माहौल को भड़काना था। पुलिस का मानना है कि इन भड़काऊ संदेशों को धार्मिक और समुदायिक ग्रुप्स में साझा किया गया था, जिससे हिंसा भड़क गई।











