दिल्ली पुलिस का नकली दवाओं का बड़ा खुलासा
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अवैध रूप से नकली और मिलावटी दवाओं के कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर (National Capital Region) और पूर्वोत्तर राज्यों में नकली जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया है।
मुखर्जी नगर में चल रही नकली दवाओं की फैक्ट्री का भंडाफोड़
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मुखर्जी नगर इलाके में सरकारी दवाओं की नकली पैकेजिंग और लेबलिंग का अवैध कारोबार चल रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने इंद्र विकास कॉलोनी स्थित एक गोपनीय स्थान पर छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में नकली दवाएं, सरकारी सप्लाई की दवाएं, पैकेजिंग मशीनें और फर्जी लेबल बरामद हुए।
सिंडिकेट का संचालन और गिरफ्तारियां
पुलिस ने पता लगाया कि यह गिरोह प्रयागराज (Prayagraj) के सरकारी अस्पतालों से अवैध रूप से दवाएं प्राप्त करता था, जिन पर ‘सरकारी आपूर्ति – बिक्री के लिए नहीं’ लिखा होता था। इन दवाओं को दिल्ली लाकर पुराने लेबल हटा दिए जाते थे और फिर मुखर्जी नगर की अवैध फैक्ट्री में फर्जी कमर्शियल लेबल चिपकाए जाते थे। इसके बाद इन्हें दिल्ली, पश्चिम बंगाल (West Bengal), असम (Assam) और मणिपुर (Manipur) जैसे पूर्वोत्तर राज्यों के बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। पुलिस को इस गिरोह के लेनदेन के सबूत भी मिले हैं, जिनमें हवाला (Hawala) के जरिए पैसे का लेनदेन भी शामिल है।
छापेमारी के दौरान लगभग छह करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं और मशीनों को जब्त किया गया है। इनमें हजारों टैबलेट, कैप्सूल, वैक्सीन और इंसुलिन कार्ट्रिज शामिल हैं। पुलिस ने कैंसर की दवाओं की 14,000 से अधिक कैप्सूल, हेपेटाइटिस बी की 7,900 टैबलेट, रेबीज वैक्सीन की 953 वायल, इंसुलिन ग्लार्गिन की 315 बोतलें, और अन्य दवाइयां भी बरामद की हैं।
इस गिरोह के चार मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मनोज कुमार जैन (56), जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है, मुखर्जी नगर से संचालित था। अन्य आरोपियों में हरियाणा के पंचकूला का राजू कुमार (57), प्रयागराज का विक्रम सिंह उर्फ सन्नी (32), और वतन (35) शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 (Indian Penal Code 2023) और औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 (Drugs and Cosmetics Act 1940) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपियों को पुलिस हिरासत में रखा गया है, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी की संभावना है। पुलिस इन सप्लायरों और वितरकों की भी तलाश कर रही है, जो इस अवैध कारोबार का हिस्सा थे।











