दिल्ली हाई कोर्ट में शराब नीति से जुड़े सीबीआई मामले की नई सुनवाई व्यवस्था
दिल्ली में शराब नीति से संबंधित सीबीआई जांच के मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं को आरोपमुक्त करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने नई बेंच का गठन किया है। इस नई बेंच की अध्यक्षता जस्टिस मनोज जैन करेंगे, जो इन मामलों की सुनवाई करेंगे। इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण यह है कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अदालत की आपराधिक अवमानना के आरोप में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की थी, जिसके बाद उन्होंने खुद को इस मामले से अलग कर लिया। इसके बाद चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने इस नई बेंच को जिम्मेदारी सौंपी है।
अपराधी अवमानना के मामलों में नई बेंच की भूमिका और सुनवाई का क्रम
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल और अन्य आम आदमी पार्टी (AAP) नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर कथित मानहानिकारक पोस्ट करने के मामले में उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की है। इसके साथ ही, केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज जैसे नेताओं के खिलाफ भी अवमानना के मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट के खंडपीठ द्वारा की जाएगी। इन मामलों की सुनवाई 19 मई को निर्धारित की गई है, जिसमें जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविन्द्र डुडेजा की बेंच शामिल होगी।
अदालत का निर्णय और आरोपियों से संबंधित प्रक्रिया
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की गई है, वे मुख्य आरोपी भी हैं। इसलिए, किसी भी पूर्वाग्रह से बचने के लिए उन्होंने मुख्य मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य निष्पक्षता बनाए रखना और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इन मामलों में सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को उचित अवसर प्रदान किया जाएगा।











