2020 दिल्ली दंगों में हत्या का फैसला: ताहिर हुसैन समेत पांच दोषी
दिल्ली की एक न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। इस फैसले में अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन सहित कुल पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस जाँच का नेतृत्व दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने किया था, जिसने 648 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी।
आरोपों का विवरण और दोषियों का निर्णय
इस मामले में 17 मार्च 2023 को आरोप तय किए गए थे। अदालत ने ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना है। हालांकि, ताहिर हुसैन को आपराधिक साजिश के आरोप से बरी कर दिया गया है। इन सभी पर हत्या, दंगा भड़काने, घातक हथियार से दंगा करने, दंगे के लिए सजा, सरकारी आदेश की अवहेलना और अपहरण जैसे आरोप लगाए गए हैं।
अदालत का फैसला और आरोपी का रोना
फैसला सुनने के बाद ताहिर हुसैन अदालत के समक्ष रो पड़े। उन्होंने अपने आप को निर्दोष बताते हुए कहा, “मैं बेगुनाह हूं, मुझे इंसाफ नहीं मिला।” अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सजा का फैसला जारी करेगी। वहीं, जांच में सबूतों की कमी के कारण छह अन्य आरोपियों- मुंतजिर उर्फ मूसा, शोएब आलम, हसीन, समीर, गुलफाम और फिरोज को बरी कर दिया गया है।
2020 में हुई थी IB अधिकारी की हत्या, जांच और चार्जशीट का विवरण
25 फरवरी 2020 को चांद बाग इलाके में CAA के विरोध प्रदर्शन के दौरान IB के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। उनका शव अगले दिन पास के नाले से बरामद हुआ। इस घटना के बाद अंकित के पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में FIR दर्ज की गई।
इस जघन्य हत्याकांड की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी, जिसने 11 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। जांच दल ने 3 जून 2020 को 648 पन्नों की मुख्य चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की, जिसके साथ ही कई सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की गईं। इस फैसले का विस्तृत जजमेंट अभी अदालत से अपेक्षित है।
जांच की निष्पक्षता और पुलिस का प्रयास
दिल्ली पुलिस के कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा कि दंगों के दौरान उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखना और निष्पक्ष, सबूतों पर आधारित जांच करना था। उन्होंने बताया कि भरोसेमंद सबूत जुटाने और जिम्मेदार व्यक्तियों को कानून के सामने लाने के लिए पूरी मेहनत की गई।
गोलछा ने यह भी कहा कि न्यायालय का फैसला और जांच की निष्पक्षता उनके प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 2020 के दंगों में शामिल सभी अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।











