दिल्ली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के आरोपी युवक को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने एक 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो दुकानदारों को धोखा देने के लिए नकली UPI पेमेंट स्क्रीनशॉट दिखाता था और फिर उनके मोबाइल फोन चुराकर बिना अनुमति के पैसे ट्रांसफर करता था। इस संदर्भ में एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई सदर बाज़ार में कपड़ों की दुकान के मालिक की शिकायत के आधार पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी युवक ने 1 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
कैसे करता था आरोपी दुकानदारों को ठगने का प्रयास
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक छोटी दुकानों को निशाना बनाकर नकली डिजिटल पेमेंट स्क्रीनशॉट दिखाता था, ताकि दुकानदार यह समझें कि भुगतान हो चुका है। जब दुकानदार अपने बैंक खाते की जाँच करते और पता चलता कि कोई पैसा नहीं आया है, तो आरोपी पीड़ित की मदद का नाटक करता और उनके मोबाइल फोन तक पहुंचने का प्रयास करता। यदि मोबाइल नहीं दिया जाता, तो वह मोबाइल या UPI क्रेडेंशियल (जैसे पिन या पासवर्ड) देखने या प्राप्त करने की कोशिश करता था। इसके बाद, वह इन क्रेडेंशियल का उपयोग कर बिना अनुमति के बैंकिंग लेन-देन करता था, जिसमें पैसे धोखाधड़ी के खातों में ट्रांसफर या एटीएम से निकाले जाते थे, ताकि ट्रेस करना मुश्किल हो जाए।
आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की जांच
पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच में धोखाधड़ी की कुल रकम 30.81 लाख रुपये से अधिक पाई गई है, और मामले की जांच जारी है। यह कार्रवाई उस शिकायत के आधार पर की गई, जो कपड़ों की दुकान के मालिक विष्णु कुमार गोयल ने 29 मार्च को दर्ज कराई थी। आरोपी ने गोयल से कपड़े खरीदे और नकली पेमेंट स्क्रीनशॉट दिखाकर धोखा दिया। जब दुकानदार को पता चला कि भुगतान नहीं हुआ है, तो आरोपी ने उसके मोबाइल फोन तक पहुंच बनाई और उसके बैंक खाते से 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि आरोपी युवक दिल्ली और मुंबई के सात अन्य मामलों में भी शामिल था। इन मामलों में साइबर नॉर्थ वेस्ट, मॉडल टाउन, सराय रोहिल्ला, सब्जी मंडी, रूप नगर, शिवड़ी और तारदेव पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले शामिल हैं। आरोपी ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और पहले भी दिल्ली और मुंबई में चोरी और धोखाधड़ी के आठ मामलों में शामिल रहा है। आगे की जांच जारी है।











