फर्जी IAS बनकर ठगी करने वाली तृप्ति राजपूत की जांच तेज
भोपाल (Bhopal) में तृप्ति राजपूत के खिलाफ चल रही जांच अब और अधिक गहराई से की जा रही है। चंदेरी (Chanderi) पुलिस ने उसकी और उसके भाई की गिरफ्तारी के बाद, भोपाल में उसके घर और ससुराल पर छानबीन शुरू कर दी है। इस दौरान पुलिस को फर्जी CBI (Central Bureau of Investigation) कार्ड, लेटरहेड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जो उसकी धोखाधड़ी की साजिश को उजागर करते हैं। साथ ही, ‘भारत सरकार’ लिखा इनोवा (Innova) कार भी जांच के दायरे में है, जिसका इस्तेमाल वह खुद को सरकारी अधिकारी बताकर प्रभाव बनाने के लिए करती थी।
मामले में मिली अहम जानकारियां और आरोप
पुलिस की जांच में पता चला है कि तृप्ति राजपूत खुद को IAS (Indian Administrative Service) अधिकारी का दर्जा देकर लोगों पर प्रभाव डालती थी। इसके लिए वह सरकारी अधिकारी जैसी भव्यता का प्रदर्शन करती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने किराए की इनोवा कार का इस्तेमाल किया, जिस पर ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था। इस फर्जी गाड़ी के माध्यम से वह लोगों के बीच अपने आप को प्रभावशाली अधिकारी साबित करने का प्रयास करती थी। पुलिस को फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड और महंगे आईफोन जैसे लग्जरी सामान भी मिले हैं, जिनसे उसकी जीवनशैली का पता चलता है।
मध्य प्रदेश टूरिज्म की एडिशनल हेड बनकर ठगी और शादी का मामला
पुलिस का मानना है कि इन सब वस्तुओं का इस्तेमाल लोगों को भरोसे में लेने और फर्जी पहचान को मजबूत दिखाने के लिए किया जाता था। तृप्ति पर आरोप है कि उसने चंदेरी (Chanderi) में मध्य प्रदेश टूरिज्म (MP Tourism) की एडिशनल हेड बनकर एक व्यवसायी से लगभग 9.80 लाख रुपये की ठगी की। इसी दौरान उसने खुद को IAS अधिकारी बताकर उस व्यवसायी से शादी भी कर ली। इस पूरे मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि उसने कितने लोगों को अपने जाल में फंसाया है और उसकी फर्जी पहचान का नेटवर्क कितना बड़ा है।










