अलवर निवासी जज अमन शर्मा का अंतिम संस्कार दिल्ली में सम्पन्न
दिल्ली की एक प्रतिष्ठित कॉलोनी में आत्महत्या करने वाले जज अमन शर्मा का शव उनके पैतृक घर पहुंचने के बाद रविवार सुबह अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान तीजकी श्मशान घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पिता, एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और न्यायिक सेवा से जुड़े कई अधिकारी भी मौजूद रहे।
परिवार ने आरोप लगाए और भावुक माहौल में दी विदाई
अंतिम संस्कार के समय माहौल अत्यंत भावुक था। परिजनों ने नम आंखों से अमन शर्मा को विदाई दी और न्याय की मांग की। परिवार का आरोप है कि अमन की वैवाहिक जिंदगी काफी समय से तनावपूर्ण चल रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पत्नी उनके पिता को घर में आने से रोकती थी और उनका अपमान भी करती थी। इसके अलावा, परिजनों का यह भी आरोप है कि उन्हें कई बार झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई।
परिवार ने साली की भूमिका पर उठाए सवाल और तनाव के कारणों का खुलासा
परिवार ने इस पूरे विवाद में अमन की साली की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि साली लगातार अमन की पत्नी को भड़काती थी, जिससे पति-पत्नी के बीच विवाद और गहरा गया। परिजनों के अनुसार, साली स्वयं भी अपने पति से अलग रह रही है, जो दिल्ली पुलिस में वरिष्ठ पद पर तैनात है। बताया जा रहा है कि अमन शर्मा की न्यायिक सेवा में नियुक्ति वर्ष 2021 में हुई थी और वे अपने करियर में प्रगति कर रहे थे।
पारिवारिक तनाव और निजी जीवन में चल रहे संघर्ष ने अमन शर्मा को मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया था। घटना के समय उनकी पत्नी की बहन भी घर में मौजूद थी। घटना के बाद, अमन की पत्नी अपने दोनों बच्चों को लेकर घर छोड़कर चली गई। अंतिम संस्कार में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी भी शामिल हुए और श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, ससुराल पक्ष से कोई भी व्यक्ति इस दौरान मौजूद नहीं था, जिससे इस मामले में और भी सवाल खड़े हो रहे हैं।










