असम के मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ की सफलता का किया जिक्र
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत किए गए प्रयासों की प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग सात दशक बाद अब 32 चीते सुरक्षित रूप से फल-फूल रहे हैं। यह उल्लेखनीय उपलब्धि इंटरनेशनल चीता डे के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की भी सराहना की गई।
प्रधानमंत्री मोदी की पहल से चीता संरक्षण में मिली सफलता
सीएम सरमा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”आदरणीय श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में चल रहे #ProjectCheetah के तीन वर्षों में शानदार परिणाम देखने को मिले हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि भारत में करीब 70 वर्षों के बाद अब 32 चीते मौजूद हैं, जिनमें से 21 भारतीय जमीन पर ही जन्मे हैं। ये चीते मुख्य रूप से कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य में पाए जाते हैं। यह सफलता दर्शाती है कि विजन, प्रतिबद्धता और विज्ञान के माध्यम से खोई हुई जैविक विरासत को पुनः जीवित किया जा सकता है।
कूनो में चीता पुनर्स्थापना की दिशा में कदम
सरमा ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री का एक पोस्ट भी साझा किया, जिसमें भारत में जंगली चीता पुनर्जीवित करने में मिली सफलता का जिक्र था। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से बारह चीते भारत लाए गए थे, जिन्हें मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया। दिसंबर 2025 तक भारत में इन चीते की आबादी अच्छी-खासी हो चुकी है, जिनमें से 21 चीते भारत में ही जन्मे हैं।









