देशभर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा
हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक बड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसने पूरे भारत में लगभग 40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। इस जालसाजी में शामिल अपराधियों का नेटवर्क इतना मजबूत था कि यह ऑनलाइन ठगी को एक व्यवस्थित व्यवसाय की तरह संचालित कर रहा था।
पुलिस ने किया व्यापक अभियान और गिरफ्तारी
पश्चिमी दिल्ली साइबर टीम ने अप्रैल 2026 में एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें न केवल दिल्ली बल्कि झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात की पुलिस भी शामिल हुई। इस कार्रवाई के दौरान कई मोबाइल फोन जब्त किए गए, खातों की जांच की गई और इस जालसाजी के मुख्य सरगना तक पहुंच बनाई गई। इस ऑपरेशन में कुल 89 साइबर अपराधियों को कानून के दायरे में लाया गया, जिनमें से 35 को गिरफ्तार किया गया और 54 को बाउंड डाउन किया गया। इस पूरे नेटवर्क से पुलिस को लगभग 40 करोड़ रुपये की ठगी का सुराग मिला है।
साइबर जालसाजी का तरीका और मुख्य खुलासे
जांच में पता चला कि यह गिरोह विभिन्न तरीकों से लोगों को फंसाता था। कुछ को निवेश का लालच देकर, तो कुछ को फर्जी डेटिंग क्लब की VIP सदस्यता का झांसा देकर ठगा जाता था। कई लोगों को वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी जाती थी, जबकि कुछ के फोन में APK फाइल भेजकर उनके मोबाइल को हैक कर लिया जाता था। सबसे बड़ा खुलासा एक वॉट्सऐप ग्रुप ‘DL Office’ से हुआ, जो पुलिस के अनुसार साइबर ठगों का कंट्रोल रूम था। यहां OTP शेयर किए जाते थे, बैंक खातों की जानकारी ट्रांसफर होती थी और ठगी के पैसे म्यूअल अकाउंट्स में ट्रांसफर किए जाते थे। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 14 लाख रुपये से अधिक नकद, 359 सिम कार्ड, 218 एटीएम कार्ड, 88 मोबाइल फोन और कई डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं। इस नेटवर्क का आकार इतना बड़ा था कि यह कोई मामूली गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित अपराधी समूह था। साथ ही, पुलिस ने करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये फ्रीज कराए और पीड़ितों को 51 लाख 95 हजार रुपये वापस भी दिलाए, जिससे कई लोगों को राहत मिली।









