सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी, स्वास्थ्य बिगड़ने का खतरा
जंतर-मंतर पर चल रही सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रही है। उनके वजन में पांच किलो की गिरावट दर्ज की गई है, जो उनकी सेहत के लिए चिंता का विषय बन गई है। इस बीच, उनके समर्थन में कई छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता भी सड़क पर उतर आए हैं।
सरकार पर बढ़ते दबाव और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी (CJP) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। संगठन ने सरकार से जवाबदेही की अपेक्षा जताते हुए कहा कि यदि जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वांगचुक की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती, वांगचुक अपनी भूख हड़ताल नहीं छोड़ेंगे।
लद्दाख मुद्दे पर सकारात्मक बातचीत और समर्थन का सिलसिला
शुक्रवार रात वांगचुक ने सोशल मीडिया पर लद्दाख से जुड़ी घटनाओं का स्वागत किया और सरकार से शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की। लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों ने बताया कि गृह मंत्रालय के साथ उनकी बातचीत में मतभेद सुलझ गए हैं। इन संगठनों ने इस सफलता का श्रेय वांगचुक की भूख हड़ताल को दिया है। इसके अतिरिक्त, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के छह छात्र भी जंतर-मंतर पर अलग मंच से अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। इस आंदोलन को कांग्रेस, सीपीआई (एम), सीपीआई और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। यह प्रदर्शन 20 जून को नीट और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर शुरू हुआ था।










