BRICS सम्मेलन का महत्व और भारत की भूमिका
इस बार भारत अपने देश में BRICS देशों का प्रमुख आयोजन कर रहा है, जिसमें चीन (China), रूस (Russia), ईरान (Iran) जैसे देशों के वरिष्ठ नेता नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस सम्मेलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है, खासकर अमेरिकी और पाकिस्तानी मीडिया में। कुछ विश्लेषक BRICS की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, तो वहीं अन्य इस बात पर विचार कर रहे हैं कि विभिन्न देशों के हितों के बीच यह समूह कितनी मजबूती से एकजुट रह पाएगा।
दुनिया के बड़े नेताओं की भागीदारी और रणनीतियाँ
रिपोर्टों के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सहित कई प्रमुख नेता इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। एपी (AP) ने भारत के चीन और रूस के साथ संबंधों के साथ ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ साझेदारी की दिशा में उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला है।
रॉयटर्स (Reuters) की रिपोर्ट में भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान डिजिटल भुगतान को सरल बनाने के प्रयासों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत इस समूह की केंद्रीय डिजिटल मुद्राओं को जोड़ने का प्रस्ताव आगे बढ़ा रहा है, ताकि सीमा पार भुगतान को अधिक तेज और आसान बनाया जा सके।
मीडिया की नजर में BRICS का बढ़ता प्रभाव
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार Dawn ने अपने रिपोर्ट में इस सम्मेलन की महत्ता और BRICS की वैश्विक भूमिका पर चर्चा की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत इस बैठक के माध्यम से समूह की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। साथ ही, रूस, चीन और ईरान के राष्ट्राध्यक्ष नई दिल्ली पहुंच चुके हैं, और इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अलग-अलग बैठकें भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
दूसरी रिपोर्ट में प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात पर भी प्रकाश डाला गया है, जिसे दोनों देशों के बीच हालिया सुधारों का संकेत माना जा रहा है। इस बैठक के साथ-साथ दोनों नेताओं की बातचीत भी खास महत्व रखती है।
यह सम्मेलन भारत के लिए क्यों खास है? 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस BRICS सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के शी जिनपिंग, ईरान के मसूद पेजेशकियन समेत कई बड़े नेता भाग लेंगे। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की उपस्थिति भी इस आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही है।
दुनिया की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत की अध्यक्षता में BRICS समूह किन मुद्दों पर एकजुट होता है और नई दिल्ली इस मंच का उपयोग आर्थिक, कूटनीतिक और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए कैसे करता है।










