सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में न्यायिक कार्रवाई तेज
दिल्ली के दक्षिणी क्षेत्र सत्य निकेतन में हाल ही में हुए भीषण हादसे के सिलसिले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने PG (प्लेसमेंट ग्रुप) संचालकों सुधांशु और शुभम त्यागी को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब इस दुर्घटना में कई लोगों की जान चली गई है।
हादसे में गिरफ्तार किए गए बिल्डिंग मालिक और उनके परिवार
इस हादसे में बिल्डिंग के मालिक 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। साथ ही, PG के संचालक सुधांशु और शुभम त्यागी को भी अब 12 दिनों की पुलिस रिमांड पर रखा गया है।
हादसे का कारण और जानमाल का नुकसान
यह पीजी दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्रों के रहने का स्थान था। हालांकि, यह हादसा महज एक दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही और लालच का परिणाम है। आश्चर्य की बात है कि इस पुरानी इमारत को 40-50 वर्षों में तीन की बजाय पांच मंजिल तक अवैध रूप से बढ़ा दिया गया था। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के 20 वर्षीय छात्र अभिषेक, छत्तीसगढ़ के दुग्क के 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी, उत्तर प्रदेश के औरैया के 17 वर्षीय छात्र पवन, मध्य प्रदेश के देवास के 19 वर्षीय छात्र अर्पित जहाज, मध्य प्रदेश के कटनी के 18 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह यादव और 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की मौत हो गई। इसके अलावा तीन लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।









