बच्चे की खरीद-फरोख्त का जाल: पंजाब से बिहार तक का मामला
पंजाब में एक परिवार को अपने बच्चे की किलकारी की चाह थी, वहीं दूसरी ओर बिहार में तीन वर्षीय बच्चे को उसके माता-पिता से छीनने की साजिश रची जा रही थी। बच्चे की तस्वीर देखकर कीमत तय की गई और सौदा पूरा होने के बाद बच्चे को घर के बाहर से उठाया गया। गाड़ी पंजाब की ओर बढ़ रही थी, लेकिन मुंगेर (Bihar) पुलिस ने ऐसी लोकेशन ट्रैकिंग की कि रास्ते में ही कहानी का अंत बदल गया। आरा हाईवे पर गाड़ी को पकड़ लिया गया और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
बच्चे की खरीद-फरोख्त का पूरा खेल और पुलिस की कार्रवाई
मूल रूप से, मुंगेर पुलिस के अनुसार, पंजाब के जालंधर (Jalandhar) निवासी हरजेन्द्र कुमार के 18 वर्षीय बेटे की वर्ष 2025 में बीमारी से मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी डिप्रेशन में चली गई। परिवार और आसपास के लोगों ने सलाह दी कि पत्नी को संभालने के लिए एक नया बच्चा गोद लिया जाए। इसी बीच, हरजेन्द्र ने बच्चे की तलाश शुरू की। घर में काम करने वाली नीलम ने कहा कि वह बिहार (Bihar) से बच्चे का इंतजाम कर सकती है। इसके लिए तीन लाख रुपये की मांग की गई, और परिवार ने सहमति दी।
नीलम ने मुंगेर के लाल दरवाजा इलाके में रहने वाले व्यक्ति से संपर्क किया। उस व्यक्ति ने पड़ोस में रहने वाले बच्चे की तस्वीर भेजी, जिसे देखकर परिवार ने सौदा तय कर लिया। फिर, योजना बनाई गई कि बच्चे को अगवा कर लिया जाए। पंजाब से परिवार दो दिन पहले गाड़ी से पटना पहुंचा। बुधवार को वह व्यक्ति अपनी नाबालिग बेटी के साथ लाल दरवाजा पहुंचा और बच्चे को सड़क से उठाकर गाड़ी में डाल दिया। गाड़ी का रुख पंजाब की ओर था, लेकिन मुंगेर पुलिस को बच्चे के गायब होने की खबर मिल गई।
पुलिस की जांच और आरोपी गिरफ्तारियां
पुलिस ने तुरंत ही बच्चे के परिवार के पास पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो लोग बच्चे को लेकर गाड़ी में बैठते दिखे। पहचान के बाद, पता चला कि वे पड़ोसी और उसकी बेटी थे। पूछताछ के दौरान, पुलिस ने नाबालिग लड़की के मोबाइल की जांच की, जिससे पूरी कहानी का खुलासा हुआ।
नीलम देवी का नंबर मिलने पर उसकी लोकेशन भोजपुर (Bhojpur) के आरा हाईवे (Arrah Highway) पर मिली। मुंगेर पुलिस ने तुरंत भोजपुर पुलिस से संपर्क किया और हाईवे पर गाड़ी को रोक लिया। बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें पंजाब के जालंधर का हरजेन्द्र कुमार, ड्राइवर राजकुमार, कपूरथला की रामाजीत कौर और निर्मला कौर, बेगूसराय की नीलम, और मुंगेर का एक व्यक्ति व उसकी 15 वर्षीय बेटी शामिल हैं। आरोपियों के पास से 2 लाख 20 हजार रुपये भी जब्त किए गए हैं।
अब सवाल यह उठता है कि क्या हरजेन्द्र वाकई अपने बच्चे को गोद लेने का इच्छुक था या यह पूरी घटना किसी बड़े बच्चे की खरीद-फरोख्त नेटवर्क का हिस्सा है। पुलिस नीलम की भूमिका की भी जांच कर रही है, जो कई वर्षों से कपूरथला (Kapurthala) में रह रही थी। साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं उसकी संलिप्तता किसी और बच्चे के अपहरण या खरीद-फरोख्त से तो नहीं है। जांच में संगीता कुमारी का नाम भी सामने आया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।










