गुना में जर्जर सरकारी स्कूलों के खिलाफ विद्यार्थी परिषद का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के गुना जिले में जर्जर हो चुके सरकारी स्कूल भवनों के मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जर्जर स्कूलों की सूची भी प्रशासन को सौंप दी। इस प्रदर्शन में विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने बाकायदा बुलडोजर लेकर पहुंचकर सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताई।
प्रदर्शन के दौरान सरकार पर सवाल और मरम्मत की मांग
विद्यार्थी परिषद ने मुख्यमंत्री मोहन सिंह को कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि जिले के 100 ऐसे स्कूल हैं जिनकी मरम्मत अत्यंत आवश्यक है, लेकिन प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। कार्यकर्ताओं ने लगभग डेढ़ घंटे तक सरकारी स्कूल के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रशासन ने अगले 14 दिनों में कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है।
जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति और सरकार की अनदेखी
डिजिटल विभाग के अनुसार, जिले में कुल 400 सरकारी स्कूल भवन खराब हालत में हैं, जिनमें से 193 को तुरंत मरम्मत की आवश्यकता है। हर साल विभाग सरकार को इन स्कूलों की सूची भेजता है, लेकिन केवल 10 से 15 स्कूलों के लिए ही वित्तीय सहायता मिल पाती है। इस बार गुना में केवल 30 स्कूलों के सुधार के लिए धन आवंटित किया गया है। मधुसूदनगढ़ में एक जर्जर स्कूल भवन गिरने की घटना ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है। उस समय स्कूल में छुट्टी थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। अभिभावकों में इस घटना को लेकर भय व्याप्त है, और वे सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने मरम्मत का आश्वासन दिया है, लेकिन असली परीक्षा अगले 14 दिनों में ही होगी। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और तेज हो सकता है।











