गुरुग्राम में जलभराव का मुख्य कारण बादशाहपुर नाला
गुरुग्राम शहर में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या का मुख्य कारण बादशाहपुर नाला ही है। इस नाले में जमा गंदगी और कचरे के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे सड़कों पर पानी का जमाव हो जाता है। आजतक की विशेष रिपोर्ट में यह पता चला है कि नाले के कई हिस्से गाद और कचरे से भरे हुए हैं, जो पानी के बहाव को रोकते हैं और जलभराव की स्थिति पैदा करते हैं।
बादशाहपुर नाले का दौरा: स्थिति का विश्लेषण
आजतक की टीम ने बादशाहपुर नाले के तीन अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया, ताकि पानी के बहाव की स्थिति का जायजा लिया जा सके और यह समझा जा सके कि ड्रेनेज प्रणाली कहां फेल हो रही है। पहले स्थान पर ट्यूलिप चौक पर नाले की स्थिति सामान्य दिखती है, जहां पानी आसानी से बह रहा है। लेकिन जैसे ही यह नाला शहर के दूसरे हिस्सों की ओर बढ़ता है, उसकी तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है।
कचरे और गाद ने पानी के रास्ते को किया संकरा
वाटिका चौक पहुंचते ही नाले की बदहाली स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगती है। यहां भारी मात्रा में कचरा और गाद जमा है, जिसने पानी के प्रवाह को काफी संकुचित कर दिया है। भारी बारिश के समय यह नाला बहुत ही मुसीबत बन जाता है, क्योंकि क्षमता कम होने के कारण पानी वापस पीछे की ओर लौटने लगता है और सड़कों पर फैल जाता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
पानी का पूरी तरह से रुक जाना: सबसे बड़ा बॉटलनेक
आगे जाकर इंडिया टुडे को पता चला कि बादशाहपुर नाले का सबसे खतरनाक हिस्सा वह है, जहां पानी लगभग पूरी तरह से ठहर चुका है। गाद और मलबे की भारी जमावट ने पानी की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया है। भारी बारिश के दौरान जब हजारों लीटर पानी इस सिस्टम में प्रवेश करता है, तो यह बंद हिस्सा एक चोक पॉइंट बन जाता है। इससे पानी पीछे की ओर बढ़ता है और पास की सड़कों, रिहायशी इलाकों तथा व्यावसायिक क्षेत्रों में घुस जाता है।











