बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान हिंसा के संदिग्धों की पहचान तेज
बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामलों में पुलिस ने कार्रवाई को और अधिक मजबूत कर दिया है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला करने, वाहनों को नुकसान पहुंचाने और आम जनता तथा मीडिया कर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला करने के आरोप में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। इस संदर्भ में पुलिस ने 400 से अधिक संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। पुलिस का दावा है कि वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सामाजिक मीडिया और डिजिटल साक्ष्यों से संदिग्धों की खोज जारी
पुलिस ने अब तक 400 से अधिक संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें जारी कर आम जनता से उनकी पहचान में मदद मांगी है। इन तस्वीरों के माध्यम से लोगों से अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें इनमें से किसी व्यक्ति की पहचान हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी। पटना पुलिस ने 177, भागलपुर पुलिस ने 155 और कटिहार पुलिस ने 72 संदिग्धों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं, जिन्हें सोशल मीडिया और अखबारों के जरिए फैलाया गया है।
जारी तस्वीरों के आधार पर संदिग्धों की गिरफ्तारी की तैयारी
पुलिस का कहना है कि हिंसा के मामलों की जांच वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इन सबूतों की मदद से प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। साथ ही, सोशल मीडिया पर करीब 40 खातों और यूट्यूब चैनलों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां हिंसा भड़काने या अफवाह फैलाने की आशंका है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति की पहचान हो, तो तुरंत संपर्क नंबर पर सूचित करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि जानकारी देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।











