सीवान में पुलिस की गोलीबारी का मामला: विस्तृत जानकारी
25 जुलाई को सीवान में बंद के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा AK-47 राइफल से फायरिंग करने का मामला सामने आया है, जिसके बाद बिहार पुलिस ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। पुलिस का कहना है कि बंद समर्थकों से घिरने के बाद एक सिपाही ने अपनी जान और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए चार राउंड हवाई फायरिंग की। यह कदम सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया था, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
फायरिंग स्थल और घायल व्यक्तियों की स्थिति
पुलिस ने यह भी बताया कि जिस स्थान पर फायरिंग हुई, वहां किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है। घटना के दौरान तीन व्यक्तियों के घायल होने की खबरें आई थीं, जिनमें 17 वर्षीय मोहम्मद आरिफ, 22 वर्षीय आकाश कुमार हाफिज चौक पर घायल हुए थे, जो जेपी चौक से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर है। वहीं, 20 वर्षीय बुलेट कुमार गौड़ ट्रैफिक थाना के पास घायल पाया गया, जो जेपी चौक से करीब 2 किलोमीटर दूर है। इन घायलों का शुरुआती इलाज सिवान सदर अस्पताल में किया गया, बाद में उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया गया। अब तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
आरोपी सिपाही का निलंबन और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार को तुरंत निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें कांड संख्या 721/26, 722/26 और 723/26 शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि इन घायलों का बयान लेकर कार्रवाई की गई है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना पर सरकार और पुलिस की आलोचना की है, आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया। उन्होंने गृह मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की भी मांग की है।










