खरमास 2025 में शुभ कार्यों पर प्रभाव
सनातन धर्म में खरमास को एक अशुभ समय माना जाता है, जिसमें किसी भी प्रकार के शुभ कार्य जैसे शादी, मुंडन, नामकरण और गृहप्रवेश को टालने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस अवधि में सूर्य देव की स्थिति कमजोर हो जाती है, जो सभी ग्रहों को प्रभावित करती है। इसलिए, इस समय किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है, क्योंकि ऐसा करने से शुभ कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
खरमास के दौरान शादी की खरीदारी का सही समय
हालांकि खरमास के दौरान शादी करना वर्जित माना जाता है, लेकिन इस समय शादी से जुड़ी वस्तुएं खरीदना कोई निषिद्ध कार्य नहीं है। शास्त्रों में स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं है कि इस अवधि में शादी की वस्तुएं खरीदना मना है। यदि आप इस समय शादी की खरीदारी कर रहे हैं, तो कुछ विशेष सावधानियों का पालन करना जरूरी है ताकि इसका विवाह पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
खरमास में शादी की खरीदारी करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
खरमास के दौरान यदि आप शादी की वस्तुएं खरीद रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि इन वस्तुओं का उपयोग तुरंत न करें। इन्हें खरमास समाप्त होने के बाद ही प्रयोग में लाना बेहतर होता है। यदि आप इस समय कपड़े या गहने खरीद रहे हैं, तो इन्हें तुरंत पहनने से बचें। खरीदारी की गई वस्तुओं को साफ-सुथरी जगह पर रखें, जहां उनका संपर्क पुराने या गंदे सामान से न हो। खासतौर पर मंगलसूत्र, शादी की अंगूठी और शादी का जोड़ा खरीदने से परहेज करना उचित माना जाता है। इन वस्तुओं को छोड़कर आप अन्य सभी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं।











