मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सुधारों के लिए नई पहल
मध्य प्रदेश की सरकार ने अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आदेश दिया है कि राज्य के प्रमुख कार्यालयों जैसे वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति की सख्त जांच की जाए। इस कदम का उद्देश्य सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों की उपस्थिति और अनधिकृत छुट्टियों पर कड़ी नजर
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के भोपाल से बाहर होने के बावजूद, प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय रखा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति का निरीक्षण कर रही हैं। ये टीमें कर्मचारियों के आने-जाने का रिकॉर्ड और बिना अनुमति छुट्टियों का डेटा संकलित कर रही हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी फाइलों की गति को तेज करना और जनता की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जनता के हित में कदम
सीएम यादव ने स्पष्ट किया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी बिना उचित कारण के कार्यालय से गायब रहते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेष ध्यान उन कर्मचारियों पर है जो कार्यालय में मौजूद तो रहते हैं, लेकिन अपनी सीट पर नहीं होते। इस अभियान का मकसद सरकारी कार्यों में तेजी लाना और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।









