बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां तेज
बिहार में आगामी मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो कि हाल ही में पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी के प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद हुई है। पटना के गांधी मैदान में गुरुवार को ‘सम्राट सेना’ के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें नए मंत्रियों का स्वागत किया जाएगा। इस विस्तार में लगभग 27 मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना है, जिनमें से अधिकांश पुराने चेहरे ही होंगे, लेकिन कुछ नए नाम भी इस सूची में शामिल किए जा सकते हैं।
कैबिनेट में पुराने और नए चेहरों का संतुलन
सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार की सरकार ने 2025 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद ही अपने मंत्रिमंडल का गठन किया था। अब जब मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी हैं और जेडीयू कोटे से दो डिप्टी सीएम भी बनाए गए हैं, तो मंत्रिमंडल का विस्तार आवश्यक हो गया है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी और जेडीयू के बीच 50-50 का फॉर्मूला तय किया गया है, जिससे यह तय होगा कि कौन-कौन नेता मंत्री पद पर आसीन होंगे और किन चेहरों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाएगा।
मंत्रिमंडल में संभावित नाम और राजनीतिक समीकरण
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल, राम कृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह टाइगर और सुरेंद्र मेहता जैसे नेताओं को मौका मिल सकता है। वहीं, नए चेहरों में संजीव चौरसिया, नीतीश मिश्रा और मनोज शर्मा के नाम चर्चा में हैं। जेडीयू की ओर से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, सुनील कुमार, मदन सहनी, और मोहम्मद जमा खान जैसे अनुभवी नेताओं को फिर से मौका दिया जा सकता है। इसके अलावा, युवा नेताओं जैसे शीला मंडल और भगवान सिंह कुशवाहा को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) से संजय सिंह और संजय पासवान को भी मौका मिल सकता है, वहीं जीतनराम मांझी की पार्टी से उनके बेटे संतोष सुमन का नाम भी चर्चा में है। इस पूरे प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार भी शामिल होंगे, जिनके साथ अन्य केंद्रीय मंत्री और एनडीए के नेता भी शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे।









