मुजफ्फरपुर में नौशाद आलम हत्याकांड का खुलासा, तीन आरोपियों को गिरफ्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में नौशाद आलम की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझाते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। घटना 29-30 अप्रैल की रात की है, जब बिजली के तार से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई थी। जांच में पता चला कि इस जघन्य अपराध के पीछे अवैध संबंध, पैसों का लेन-देन और बिजली कनेक्शन से जुड़ा विवाद मुख्य कारण थे। आरोपियों ने पार्टी के बहाने उसे बुलाया और फिर हत्या कर फरार हो गए।
सख्त जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSI) की टीम को मौके पर बुलाया और आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। मृतक की पत्नी नाजमी प्रवीण की शिकायत पर पियर थाना में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और मानव साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। संदिग्धों की पहचान होने के बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
हत्या का मुख्य कारण और आरोपी का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, इस जघन्य अपराध के पीछे पैसों का लेन-देन, बिजली कनेक्शन का विवाद और अवैध प्रेम संबंध मुख्य कारण रहे। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक नौशाद आलम का मुख्य आरोपी सिराज की पत्नी से संबंध था, जिससे वह काफी नाराज था और इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले नौशाद को पार्टी के बहाने बुलाया। फिर मौका पाकर प्लास्टिक के बिजली के तार से उसका गला घोंट दिया और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घटना स्थल से पुलिस ने बाइक, बिजली का तार, प्लास्टिक की बोतल, ग्लास, नमकीन के पैकेट और मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जो मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो रहे हैं।
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि यह मामला initially एक ब्लाइंड केस था, जिसे तकनीकी और मानव साक्ष्यों के आधार पर सुलझाया गया। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।











