गोपनीयता और कानून का उल्लंघन: मोकामा से गोपालगंज में डांस समारोह का मामला
बिहार के गोपालगंज जिले में मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह के साथ एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे, जहां एक रंगीन और विवादास्पद डांस महफिल का आयोजन हुआ। इस आयोजन में फिल्मी गीतों पर नृत्य और नर्तकियों का प्रदर्शन हुआ, जिसमें नोटों की बारिश और हथियार लहराने की घटनाएं भी देखने को मिलीं। इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला और जांच शुरू की
मामला गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव का है, जहां 2 मई को जनेऊ संस्कार का आयोजन हुआ था। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मोकामा के विधायक अनंत सिंह मौजूद थे। यह आयोजन एक भव्य महफिल में तब्दील हो गया, जिसमें फिल्मी गानों पर डांस का आयोजन किया गया। वायरल वीडियो में देखा गया कि डांसरों पर नोटों की बौछार की जा रही थी, और कुछ समर्थक हथियार लहराते हुए माहौल को और भी रंगीन बना रहे थे।
वीडियो में खुद अनंत सिंह भी इस महफिल का आनंद लेते नजर आए, जहां आसपास मौजूद लोग नाच-गाने का लुत्फ उठा रहे थे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। गोपालगंज एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर जांच की जिम्मेदारी हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता को सौंपी गई। जांच के बाद मीरगंज थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसमें आयोजक गुड्डू राय, उत्सव राय, प्रियांशु कुमार, टिशू राय, सौरव कुमार राय, विशाल राय, सुनील यादव, भोजपुरी स्टार गुंजन सिंह और विधायक अनंत सिंह के नाम शामिल हैं।
आरोपों और राजनीतिक प्रतिक्रिया का सिलसिला
पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि वायरल वीडियो की जांच के दौरान पता चला कि 2 और 3 मई को सेमराव गांव में आयोजित जनेऊ संस्कार कार्यक्रम में अवैध और लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, इस दौरान अश्लील नृत्य भी हुआ। पुलिस ने इन घटनाओं के संदर्भ में नौ नामजद आरोपियों और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमें हथियार लहराकर दहशत फैलाने और अश्लील नृत्य कराने के आरोप हैं।
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। राजद की नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला सम्मान और बेटी बचाओ के नारों के बीच इस तरह का आयोजन कैसे संभव है। उन्होंने सवाल किया कि एक महिला पर नोटों की गड्डियां लुटाना किस तरह का सम्मान है, और आरोप लगाया कि सत्तापक्ष के लोग इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।










