बिहार में ग्राम पंचायतों का परिसीमन प्रक्रिया शुरू
बिहार में आगामी पंचायत चुनावों से पहले ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन और परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम राज्य सरकार द्वारा 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाई जा सके। बिहार निर्वाचन आयोग ने इस नई प्रक्रिया के तहत प्रखंड स्तर पर परिसीमन की अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे ग्राम पंचायतों का नक्शा फिर से तैयार किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन और नई नियमावली
प्रक्रिया के तहत, प्रखंड को एक इकाई मानते हुए ग्राम पंचायत क्षेत्रों की घोषणा की जाएगी। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिक आबादी वाले गांवों का नाम और मुख्यालय उसी गांव में स्थापित किया जाए। परिसीमन का आधार 2011 की जनगणना आंकड़ों पर आधारित होगा, जिससे यह तय किया जाएगा कि किस गांव में एससी, एसटी और पिछड़े वर्गों की संख्या कुल आबादी का 50 प्रतिशत से अधिक है। इस आधार पर ही पंचायत का मुख्यालय तय किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों का सीमांकन और सीमा निर्धारण
परिसीमन के दौरान किसी भी गांव का विभाजन नहीं किया जाएगा, जब तक कि आवश्यक न हो। यदि एक से अधिक पंचायत क्षेत्र एक ही गांव में बनाना पड़े, तो मुख्यालय अधिक जनसंख्या वाले गांव में होगा। सीमा प्राकृतिक रेखाओं जैसे सड़क, रेलवे लाइन या अन्य सार्वजनिक स्थलों के आधार पर तय की जाएगी, ताकि स्पष्टता बनी रहे। इस प्रक्रिया की निगरानी प्रमंडलीय आयुक्त और जिला अधिकारी करेंगे, और सभी विवरण संबंधित कार्यालयों पर प्रकाशित किए जाएंगे।











