पटना में छात्र की संदिग्ध मौत से बढ़ा तनाव और चिंता
बिहार की राजधानी पटना में एक छात्र की रहस्यमय मौत ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच बढ़ते मानसिक दबाव को फिर उजागर कर दिया है। गांधी मैदान थाना क्षेत्र के सालिमपुर आहरा इलाके में स्थित एक लॉज में रहकर जेईई (Joint Entrance Examination) की तैयारी कर रहे सौरभ कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। यह छात्र गया जिले का निवासी था और अपने दो चचेरे भाइयों के साथ पटना में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
मृत्यु का कारण और पुलिस जांच
घटना का खुलासा तब हुआ जब सौरभ ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। बताया जा रहा है कि 21 अप्रैल की शाम वह अपने भाइयों के साथ कोचिंग जाने के लिए नहीं निकला। जब दोनों भाई कोचिंग से लौटे, तो उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे की जांच की, जहां दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे किसी बाहरी हस्तक्षेप की संभावना कम प्रतीत हुई। वेंटिलेशन से झांकने पर सौरभ को कमरे के भीतर फंदे पर लटकता पाया गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर मौके की बारीकी से जांच कराई। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
आत्महत्या का कारण और छात्र का संदेश
मामले की जांच के दौरान कमरे से एक नोट मिला, जिसमें लिखा था कि पढ़ाई के दबाव और लगातार मेहनत के बावजूद अच्छे परिणाम न आने से वह निराश था। नोट में लिखा था- “दिन रात पढ़ाई करने के बाद भी मेरा रिजल्ट ठीक नहीं आ रहा है, इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं।” पुलिस अधिकारियों का मानना है कि प्रारंभिक जांच में मामला मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।
सौरभ के परिवार वाले घटना की खबर सुनकर पटना पहुंच गए हैं। परिवार का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर बहुत गंभीर था, लेकिन इस तरह का कदम उठाने की किसी को उम्मीद नहीं थी। आसपास रहने वाले अन्य छात्र भी इस घटना के बाद खौफ और चिंता में डूब गए हैं।











