पूर्णिया में महिला पुलिस अधिकारी का अनुशासनहीनता पर निलंबन
बिहार के पूर्णिया जिले में महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी को सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाने और एसओपी का उल्लंघन करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय के कड़े निर्देशों के बावजूद उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं देखने को मिला है। इस कार्रवाई के पीछे पुलिस विभाग का स्पष्ट संदेश है कि अनुशासन और पुलिस की छवि से समझौता नहीं किया जाएगा।
शबाना आजमी का विवादों से पुराना नाता
शबाना आजमी का विवादों से पुराना नाता रहा है। जब वह कसबा थाना में एसआई थीं और बाद में फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी की प्रभारी बनीं, तब भी उनके सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरें और वीडियो चर्चा में रहे। उन पर अपनी आधिकारिक कुर्सी पर परिजनों को बिठाने जैसे गंभीर आरोप भी लगे थे।
पुलिस मुख्यालय और डीजीपी की बार-बार चेतावनी के बावजूद उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसे विभाग ने अनुशासनहीनता का चरम माना है। पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत ने स्पष्ट किया कि पुलिस की छवि और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस मुख्यालय ने वर्दी में सोशल मीडिया रील बनाने के संबंध में एक एसओपी (Standard Operating Procedure) जारी किया है।
सख्त कार्रवाई और पुलिस कर्मियों के लिए चेतावनी
एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी ने इस एसओपी का उल्लंघन किया, जिसके कारण उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया है। सभी पुलिसकर्मियों को कड़ी हिदायत दी गई है कि वे इस तरह का अनुशासनहीन आचरण न करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम विभाग की अनुशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है।










