बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर
बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण बाढ़ का संकट गहरा होता जा रहा है। खासकर राघोपुर (Raghopur) क्षेत्र में स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। वैशाली जिले के इस क्षेत्र के कई गांव पानी में डूब चुके हैं, जिससे स्थानीय लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हैं। मुख्य संपर्क मार्गों के ऊपर से गंगा का पानी बह रहा है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। शुक्रवार को ही राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी निरीक्षण किया गया, जिसमें पता चला कि अनेक गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। लोगों के लिए अपने घरों से बाहर निकलना और सुरक्षित ठिकानों की तलाश करना बड़ी चुनौती बन गई है।
तेजस्वी यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को राघोपुर, दियारा और आसपास के इलाकों का दौरा किया। उन्होंने कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल से बाढ़ की भयावह स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बाढ़ की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। सरकार ने राहत और बचाव के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में बाढ़ नहीं बल्कि इसे लाया गया है, ताकि भ्रष्टाचारी अपने स्वार्थ पूरे कर सकें। उन्होंने सवाल किया कि हर साल तटबंध निर्माण, कटाव निरोधी कार्य और आपदा प्रबंधन के नाम पर अरबों रुपये खर्च किए जाते हैं, फिर भी तटबंध क्यों टूट जाते हैं।
बाढ़ से निपटने के लिए सरकार की योजनाएं और राजनीतिक हलचल
बिहार में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान न होने के कारण राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने संसदीय क्षेत्र हाजीपुर का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। गंगा का जलस्तर बढ़ने से हाजीपुर, राघोपुर और आसपास के दियारा इलाकों में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जमीनी स्तर पर लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं, और इस मुद्दे को लेकर बिहार में सियासत भी गरमाई हुई है। सरकार की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं का अभाव दिख रहा है, जिससे जनता में असंतोष फैल रहा है।











