मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा हमला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नेहरू-गांधी परिवार पर अब तक का सबसे कठोर प्रहार किया है। एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि समुद्र न होता, तो इस परिवार के सदस्य अरब देशों तक जाकर चुनाव लड़ते। यादव ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि हिम्मत है तो राहुल गांधी और उनके परिवार को दिल्ली से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए।
नेहरू-गांधी परिवार का चुनाव इतिहास और चुनौती
आगर मालवा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में बोलते हुए यादव ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अन्य परिवार के सदस्य कभी भी दिल्ली से चुनाव नहीं लड़े, क्योंकि वहां के लोग उन्हें अच्छी तरह जानते थे। इसके बजाय, उन्होंने रायबरेली और अमेठी जैसी सीटें चुनीं। यादव ने वायनाड से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव लड़ने पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह परिवार अब उत्तर प्रदेश से बाहर निकलकर चुनाव लड़ने का प्रयास कर रहा है।
राजनीतिक आरोप और सरकार की स्थिति पर टिप्पणी
सीएम यादव ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर न्यायपालिका और सशस्त्र बलों पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत नई तकनीक का उपयोग कर लोकतंत्र में प्रगति कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं। यादव ने कहा कि राहुल का नाम ‘पप्पू’ है, और यदि उनका नाम ऐसा है, तो उनके कार्य भी वैसे ही होंगे। साथ ही, उन्होंने इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी हमला बोला और विपक्ष के नेता पर आरोप लगाया कि वे युवाओं और जनता के बारे में झूठ फैलाने का काम कर रहे हैं। यादव ने कहा कि कांग्रेस ने गलत जानकारी फैलाई है कि सरकार इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारें डकैतों और नक्सलवाद की समस्या को रोकने में असफल रहीं, जबकि बीजेपी ने इन समस्याओं का समाधान कर दिया है।









