दरभंगा में दहेज हत्या का मामला: पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की
दरभंगा के जाले प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनोज कुमार की पत्नी की कथित दहेज हत्या के मामले में मुजफ्फरपुर पुलिस ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस जाँच में आरोपी BDO मनोज कुमार की कथित प्रेमिका और बेगूसराय (Begusarai) जिला पुलिस बल में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) अनु कुमारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसे उसके पैतृक जिले सीतामढ़ी (Sitamarhi) से हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
मामले की जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि मिठनपुरा थाना में दर्ज कांड संख्या 191/26 के तहत मृतका के भाई राजकुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसकी बहन को पति मनोज कुमार, सास, देवर और अन्य ससुराल के सदस्यों द्वारा दस लाख रुपये की दहेज मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई।
प्रेम-प्रसंग और जांच का विस्तार
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि BDO मनोज कुमार का एक अन्य महिला के साथ प्रेम संबंध था, जिससे उसकी बहन को प्रताड़ित किया जाता था। इस गंभीर मामले की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान, SIT ने पहले मुख्य आरोपी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया। इसके बाद, पुलिस ने मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन पड़ताल शुरू की।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि मनोज कुमार और बेगूसराय (Begusarai) पुलिस बल में तैनात अनु कुमारी के बीच प्रेम संबंध था। इसी आधार पर, अनु कुमारी को भी गिरफ्तार किया गया, जिसे उसके पैतृक जिले सीतामढ़ी (Sitamarhi) से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसकी फोरेंसिक और तकनीकी जांच की जाएगी।
सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस अब मामले के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इनमें मनोज कुमार की मां, बहन और भाई भी शामिल हैं। सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य इस जाँच को पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है।
मामले की आगे की जांच और साक्ष्यों का संकलन
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच अभी भी जारी है। दहेज हत्या और साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है। बरामद मोबाइल फोन की फोरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद, आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस साक्ष्यों को जुटाने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हुई है।










